भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2 अप्रैल की तारीख सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. ये वो दिन था जब महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधरों ने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया था. भारतीय टीम 2011 के वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका को मात देकर इतिहास रची थी.

इस ऐतिहासिक जीत को आज 10 साल हो गए. देश में इसका जश्न मनाया जा रहा है. वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपना सिर मुंडवा लिया था. धोनी ने ऐसे क्यों किया था इसका खुलासा तब के टीम मैनेजर रंजीब बिस्वाल ने किया है.

इस ऐतिहासिक जीत को आज 10 साल हो गए. देश में इसका जश्न मनाया जा रहा है. वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपना सिर मुंडवा लिया था. धोनी ने ऐसे क्यों किया था इसका खुलासा तब के टीम मैनेजर रंजीब बिस्वाल ने किया है.

उन्होंने कहा कि फाइनल के बाद सुबह हम लोग धोनी को इस रूप में देखेंगे, इसका किसी को अंदाजा नहीं था. हमने देर रात तक ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया था. उसके बाद हम सभी अपने-अपने रूम में चले गए थे. और सुबह जो हमने देखा वो हैरान कर देने वाला था. धोनी ने सिर मुंडवा लिया था. उनको देखने के बाद तो कुछ देर के लिए हम सन्न रह गए.

बिस्वाल ने कहा कि जब तक जश्न चल रहा था तब तक धोनी हम लोगों के साथ ही थे. बाद में वह अपने रूम में गए और उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया. उन्होंने अपने इस प्लान के बारे में किसी को नहीं बताया था. रंजीब बिस्वाल ने कहा कि धोनी अपनी भावनाओं को अपने अंदर ही रखते हैं. वह जाहिर नहीं करते.
रंजीब बिस्वाल ने कहा कि मुझे लगता है कि धोनी ने कोई संकल्प लिया होगा. असल वजह क्या थी ये हमें भी नहीं पता. बता दें कि उस वक्त ये भी कहा गया था कि धोनी ने विश्व कप शुरू होने से पहले रांची में अपने घर के करीब स्थित मंदिर में मन्नत मांगी थी. पुजारी ने उन्हें सुबह पौने तीन से तीन बजे के बीच सिर मुंडवाने की सलाह दी थी.