नई दिल्ली: मां का दूध नवजात बच्‍चे के लिए बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि बच्‍चे को इस दौरान सभी पोषक तत्‍व मां के दूध से ही प्राप्‍त होते हैं. इसलिए डॉक्टर भी यही सलाह देते हैं कि 6 माह तक शिशु को मां का ही दूध पिलाना चाहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्‍तनपान कराने वाली मां के लिए भी फायदेमंद होता है. स्तनपान कराने वाली महिलाएं रोगमुक्त रहती है. आइए जानें ब्रेस्‍टफीडिंग के बेहतरीन फायदे.

मां का भी वजन कम होता है   
स्तनपान कराने वाली महिलाएं अधिक कैलोरी को इस्तेमाल करती हैं जिसकी वजह से उनका वजन बढ़ जाता है. लेकिन प्राकृतिक ढंग से वजन को कम करने और मोटापे से बचने का यह कारगर तरीका है.

कैंसर का खतरा होता है कम
स्तनपान करानेवाली माताओं को स्तन या गर्भाशय के कैंसर का खतरा कम होता है. स्तनपान एक प्राकृतिक गर्भनिरोधक है. इस तरह से ब्रेस्‍टफीडिंग कराना बच्‍चे के साथ-साथ मां के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है.

कैंसर का खतरा कम होता है. स्तनपान एक प्राकृतिक गर्भनिरोधक है. इस तरह से ब्रेस्‍टफीडिंग कराना बच्‍चे के साथ-साथ मां के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है.

तनावमुक्‍त करने में मददगार
जब शिशु की तबीयत ठीक नहीं होती या वो बैचेनी महसूस करता है तो स्तनपान कराने से उसे आराम मिलता है. स्तनपान शिशु का रोना कम करने, और आपको तनावमुक्त करने में मदद करता है.

दिमाग का विकास 
मां के दूध में कई ऐसे तत्व होते हैं जो शिशु के दिमाग के विकास के लिए जरूरी है. शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि स्तनपान करने वाले शिशु बुद्धिमान होते हैं.