कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सत्तारूढ़ बीजेपी के भीतर ही उन्हें पद से हटाने के प्रयास किए जाने की अटकलों के बीच कहा कि उनका ध्यान केवल वैश्विक महामारी कोविड-19 को नियंत्रित करने पर केन्द्रित है और लोगों के हितों की रक्षा करना अभी उनकी प्राथमिकता है.

उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने का प्रयास करने वालों पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली गए थे वे जवाब लेकर वापस लौट आए हैं. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि जब लोग तनाव में हैं और कोविड-19 की वजह से होने वाली मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं, तो विधायकों, मंत्रियों और सभी की प्राथमिकता इसे नियंत्रित करना होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि जो कुछ विधायक दिल्ली गए थे उन्हें उच्च कमान ने उचित जवाब देकर वापस भेज दिया गया है. राज्य में कोविड-19 की दूसरी लहर के कहर के बीच बुधवार को ऐसी अटकलें आने लगी थी कि सत्तारूढ़ बीजेपी के भीतर येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

कुछ मंत्रियों और विधायकों ने पहली बार इस तरह के कदमों को खुले तौर पर स्वीकार किया, ताकि कर्नाटक बीजेपी के कद्दावर नेता को हटाने को लेकर दबाव बनाया जा सके.

राजस्व मंत्री आर अशोक ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘‘मुझे दिल्ली में कई (विधायकों) के डेरा डालने की जानकारी मिली है, मुझे आज भी कई जगहों पर होने वाली बैठकों के बारे में पता चला है. मैंने मीडिया में देखा है कि कई मंत्री भी इसका हिस्सा हैं … यह सच है कि इस तरह की चर्चा हो रही है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कुछ (विधायकों) के दिल्ली जाने के बारे में पता चला है, यह सौ प्रतिशत सच है कि ऐसा घटनाक्रम हो रहा है … जबकि कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं तो कुछ परोक्ष रूप से शामिल हैं. मैं मीडिया में उनके बयान देख रहा हूं. लेकिन मेरी प्राथमिकता कोरोना से पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना है.’’

मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कई विधायकों ने इस तरह के बदलाव की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि 78 वर्षीय दिग्गज नेता अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और दो साल बाद अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व भी करेंगे.