देश भर में कोरोना वायरस से फैली महामारी के बीच, पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक नए खौफ ने कब्जा जमा लिया है. श्यामपुर के काटागाछी में स्थानीय लोगों ने पिछले कुछ दिनों से कई घरों में ‘खतरनाक’ मकड़ी के देखे जाने की शिकायत की है. उनका कहना है कि जहरीली काली मोटी मकड़ियों ने कई लोगों को काट लिया है और दावा किया कि एक शख्स की मौत भी हो गई. युवक की मौत के बाद से स्थानीय लोग डरे हुए हैं.

बंगाल के एक गांव में युवक की मौत के बाद दहशत

उन्होंने कहा कि उसकी मौत सिर्फ मकड़ी के काटने के बाद हुई. एक शख्स ने गांव में खतरनाक स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया, “मकड़ी का संक्रमण कुछ दिनों से जारी है. ये एक बड़ी मकड़ी है और उसके शरीर पर बड़े बाल हैं. देखने में बहुत डरावनी. मैं नहीं जानता कैसे उसे घर से भगाऊं.” हालांकि, दूसरे निवासी ने घर पर बच्चों के लिए चिंता जाहिर की जहां बड़ी काली मकड़ियां देखी गई हैं. उसने बताया कि उसका परिवार सतर्क है लेकिन कौन जानता है कि कब और कहां ‘हावड़ा मकड़ी’ धावा बोल दे. स्थानीय लोगों ने उसे हावड़ा मकड़ी का नाम दिया है.

लोगों ने कहा मकड़ी के काटने से हुई युवक की मौत

जैसे ही काटागाछी में आतंक फैला, गांववालों ने सबसे पहले नकोल ग्राम पंचायत को सूचित किया. मंगलवार को कुछ वन्य अधिकारी गांव में पहुंचे और 7-8 काली मकड़ियों को पकड़ा. लेकिन, अधिकारियों ने मकड़ियों के बारे में सैंपल की जांच से पहले कुछ भी खुलासा नहीं किया. हालांकि, युवक की मौत और बालों वाली मकड़ियों के आसपास दहशत जांच का विषय है, लेकिन मकड़ियां इंसानों के लिए खतरनाक नहीं समझी जाती हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वभाव में मकड़ियां आक्रामक नहीं होती हैं, और आम तौर पर अपना जहर इंजेक्ट करती हैं, यहां तक कि उन मामलों में भी जहां ये बड़ी काली मकड़ियां इंसानों को काटने का सहारा लेती हैं, उनका काटना सामान्य तौर मधुमक्खी के डंक की तरह होता है.