उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान में सोमवार को और चार शव बरामद होने से बाढ़ में मरने वालों की संख्या 55 हो गई है. पुलिस ने बताया कि चार में से तीन शव तपोवन सुरंग से बरामद हुए जहां पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से फंसे 25-35 लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना सहित विभिन्न एजेंसियों का संयुक्त बचाव और तलाश अभियान चल रहा है. एक अन्य शव मैठाणा से बरामद हुआ. पुलिस ने बताया कि मलबे और गाद से भरी तपोवन सुरंग से अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं. रविवार को सुरंग से छह शव बरामद हुए थे.

सात फरवरी को ऋषिगंगा घाटी में आई बाढ के समय एनटीपीसी की 520 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की इस सुरंग में कार्य कर रहे लोग उसमें फंस गए थे. निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड परियोजना को हुई भारी क्षति के अलावा, रैंणी में स्थित उत्पादनरत 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना भी बाढ़ से पूरी तरह तबाह हो गई थी. अब तक चमोली जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों से कुल 55 शव बरामद हो चुके हैं जबकि 149 अन्य अभी भी लापता हैं.

एक सप्ताह से सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और भारत तिब्बत सीमा पुलिस का संयुक्त बचाव और तलाश अभियान जारी है. तपोवन बैराज क्षेत्र में जहां पोकलैंड और जेसीबी मशीनें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं वहीं नदी किनारे जिला प्रशासन के नेतृत्व में खोजबीन का काम तेजी से चल रहा है. रैंणी क्षेत्र में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम मलबे में लापता लोगों की तलाश कर रही है.