कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसानो के आंदोलन को आज 32 दिन हो चले हैं। हालाँकि सरकार की तरफ से कई कोशिशें की गयी जिससे ये मुद्दा ख़तम होजाये और किसान भी खुश होजाये लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। सरकार और किसानो के बीच कृषि कानून को लेकर कई दौरे की बातचीत भी हो चुकी है लेकिन परिणाम शून्य ही आया है।

किसान आंदोलन के चलते किसान नेता गुरनाम सिंह चादुनी ने बयान दिया है की “आप सभी के सुझाव को मानते हुए हमने फैसला लिया है हरियाणा के सभी टोल फ्री रखे जाएंगे जब तक सरकार इन काले कानूनों को रद्द नहीं कर देती और हमारी मांगे नहीं मान लेती।” हरयाणा के कई नेता भी साथ जुड़ गए हैं किसान आंदोलन के और साथ ही सोशल मीडिया के द्वारा भी सैकड़ो लोग किसानो के समर्थन में आ चुके हैं। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया की उन्होंने कई आम लोगो की और साथ ही सोशल मीडिया से जुड़े कुछ लोगो की राय ली है टोल फ्री कराने के लिए। इतना ही नहीं उन्होंने बताया की इस बात को लेकर मीटिंग भी की गयी थी जिसमे यही बात पक्की करि गयी की जब तक सरकार किसानो की मांगे पूरी नहीं करेगी तब तक के लिए हरयाणा के अंदर आने वाले सभी टोल फ्री करा दिए जायेंगे।

किसान नेता गुरनाम सिंह चादुनी ने यह भी कहा है की यह टोल फ्री कोई स्ट्राइक नहीं है जो एक दो दिन में ख़तम होजाये। हरयाणा के टोल तब तक के लिए मुफ्त रहेंगे जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मान लेती है। साथ ही उन्होंने टोल पर सुरक्षा की भी बात की है। उन्होंने कहा है की इस टोल स्ट्राइक को ढंग से चलाने के लिए वह सुरक्षा व्यवस्ता का इंतेज़ाम किया जाये।

गुरनाम सिंह चादुनी कहा की सभी टोलो पर कमिटियां बना दी जाये, हालाँकि कई टोलो पर पहले से ही हरयाणा के कई प्रधान डेरा जमा कर बैठे हुए हैं वो वह की व्यवस्ता संभल लेंगे और जहा पर कोई भी कमिटी नहीं बानी है वह पर कमिटी बना कर वह की व्यवस्ता ठीक करदी जाये। उन्होंने कहा की कमिटी बनाना इसलिए ज़रूरी है क्युकी कोई बड़ा अफसर अगर पूछ ताछ के लिए आजाये तो उससे बातचीत करने के लिए कोई उचित व्यक्ति वह मौजूद होना आवश्यक है।