नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय से देश भर में मेट्रो रेल (Metro Rail) चलाने की हरी झंडी मिलते ही दिल्ली मेट्रो (DMRC) प्रशासन और यहां सुरक्षा प्रदान करने वाली एजेंसी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) सक्रिय हो गई है। 7 सितंबर से मेट्रो की शुरुआत हो रही है। दिल्ली मेट्रो में रोज लाखों लोग सफर करते हैं,इसलिए इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से एक अलग स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिड्योर (SOP) आएगा। लेकिन सीआईएसएफ ने इस बारे में पहले से ही एसओपी जारी कर दिया है। आइए, हम जानते हैं कि कैसे चलेगी दिल्ली मेट्रो की गाड़ियां।

आरोग्य सेतु एप और फेस मास्क मेट्रो में एंट्री के लिए जरूरी

सीआईएसएफ की गाइडलाइन में कहा गया है कि हर यात्री के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप कंपलसरी होगा या उन्हीं यात्रियों को प्रवेश मेट्रो में दिया जाएगा जिनके फोन में एप इंस्टॉल होगा।इस ऐप से यह पहचान की जाएगी कि कहीं यह व्यक्ति वायरस से संक्रमित तो नहीं रहा है या फिर यह उस इलाके से तो नहीं आता जो रेड जोन में हो। यही नहीं, इसकी महत्ता इसलिए भी बढ़ जाती है कि केवल ई-पास और ग्रीन कोडित या सुरक्षित श्रेणी के व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

यात्रा की गाइडलाइन
सीआईएसएफ गाइडलाइन के अनुसार, लॉकडाउन के बाद मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अपनी तलाशी के दौरान अपने शरीर से हर प्रकार की धातु की वस्तु को बाहर निकालकर अपने बैग में रखना होगा। यात्रियों के पास अगर बैग नहीं होगा तो उनके लिए ट्रे उपलब्ध करवाई जाएगी। वही व्यक्ति मेट्रो स्टेशन में एंट्री पा सकेगा जिसने अपने चेहरे पर मास्क पहना हुआ होगा। इसके अलावा उसने अपने स्मार्ट फोन में आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड किया होगा।

मेट्रो स्टेशन के कम से कम गेट खुलेंगे
गाइडलाइन के अनुसार सभी मेट्रो स्टेशन पर कम से कम गेट खुलेंगे। बांकि के सभी गेट बंद रहेंगे। स्टेशन में एक नियंत्रित तरीके से यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। लोगों को प्रवेश द्वार पर ही रोका जाएगा। एक नियंत्रित तरीके से एक-एक करके यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। अधिकतम यात्रियों को प्रवेश द्वार पर ही रोका जाएगा और यात्रियों को स्टेशन छोड़ते समय सामाजिक दूरी, 1 मीटर से ज्यादा दूरी का विशेष ध्यान रखना होगा। अगर किसी स्थिति में मेट्रो स्टेशन के बाहर भीड़ ज्यादा हो जाती है तो स्टेशन के बाहर के लोगों पर नियंत्रण रखने के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मदद ली जाएगी।

एंट्री गेट पर होगी थर्मल स्क्रीनिंग
मेट्रो परिसर में आने वाले व्यक्तियों की डीएमआरसी कर्मियों द्वारा एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन व्यक्तियों का तापमान असामान्य पाया गया या सर्दी, खांसी और फ्लू जैसे लक्ष्णों मिलते हैं तो उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्टेशन गेट या उसके अंदर लोगों के लिए सेनेटाइजेशन टनल बनाई जाती है तो यात्रियों को उससे गुजरना अनिवार्य होगा। वहीं यात्रियों को लाइन में लगने के दौरान कम से कम दो मीटर की दूरी का फासला रखना होगा। सुरक्षा जांच के लिए इंतजार कर रहे व्यक्ति के लिए भी 1 मीटर की दूरी अनिवार्य होगी।

संदिग्ध यात्रियों से निबटने के होंगे इंतजाम
संदिग्ध यात्रियों और बैगेज से निपटने के लिए सामान्य स्टेशन पर 6 पीपीई और इंटरचेंज स्टेशनों पर 20 पीपीई किट होंगे। सभी कर्मियों को इसके लिए विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है। कर्मचारियों द्वारा उपयोग में आने वाले सभी उपकरणों को नियमित तौर पर साफ किया जाएगा। मेट्रो परिसर में मौजूद सुलभ शौचालय व अन्य दुकानों को भी रेगुलर तौर पर साफ किया जाएगा।