महाराष्ट्र में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की रफ्तार से हर कोई परेशान है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बड़ा बयान दिया है. महाराष्ट्र के मंत्री का कहना है कि उन्हें शक है कि राज्य में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की एंट्री हो गई है, इसी वजह से ये तेज़ी से लोगों में फैल रहा है.

महाराष्ट्र में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की रफ्तार से हर कोई परेशान है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बड़ा बयान दिया है. महाराष्ट्र के मंत्री का कहना है कि उन्हें शक है कि राज्य में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की एंट्री हो गई है, इसी वजह से ये तेज़ी से लोगों में फैल रहा है. सरकार ने इसके लिए कुछ सैंपल चेक करने के लिए भेजे हैं.

बता दें कि महाराष्ट्र में बीते कुछ दिनों से कोरोना संकट बेकाबू हो गया है. बीते दिन ही राज्य में 56 हजार के करीब केस दर्ज किए गए, जो अबतक का रिकॉर्ड है.

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि कोरोना संकट के वक्त किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए, अभी जो सख्ती की गई है उसपर मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की थी. देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका समर्थन किया है.

‘वैक्सीन सेंटर्स पर डोज नहीं, वापस जा रहे लोग’
वैक्सीनेशन को लेकर भी राजेश टोपे ने कहा कि कई वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उचित मात्रा में डोज़ नहीं हैं, इसलिए लोगों को वापस भेजा जा रहा है. हमने केंद्र सरकार से मांग की है कि 20-40 साल के लोगों को भी वैक्सीन की डोज़ दी जानी चाहिए.

मंत्री के मुताबिक, अभी महाराष्ट्र में 14 लाख वैक्सीन की डोज़ हैं जो अगले तीन दिन में खत्म हो जाएंगी. हमने हर हफ्ते 40 लाख वैक्सीन डोज़ की मांग की है. हम ये नहीं कह रहे हैं कि केंद्र वैक्सीन नहीं दे रहा है, लेकिन देने की रफ्तार काफी कम है.

ऑक्सीजन की पूर्ति को लेकर मंत्री ने कहा कि अभी 12 मैट्रिक टन ऑक्सीजन आ रहा है, जिसमें 7 मीट्रिक टन का रोज इस्तेमाल हो रहा है. अगर मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होती है, तो मेडिकल इंडस्ट्री के अलावा अन्य जगह इसकी सप्लाई रोकी जा सकती है.

आपको बता दें कि वैक्सीन लगाने के मामले में अभी महाराष्ट्र सबसे आगे हैं. यहां पर अभी तक 85 लाख से अधिक कोरोना की डोज लग चुकी हैं, जो देश में सबसे अधिक है. हर रोज यहां औसतन 4 लाख से अधिक डोज लग रही हैं.