रामगढ़ कस्बे से 10 किमी दूर जैसलमेर रोड पर स्थित आरएसएमएमसोनू माइंस से जैसलमेर तक लाइम स्टोन ढुलाई में लगे स्थानीय ट्रक मालिकों ने रोजी रोटी छीनने का आरोप लगाया है।डम्पर एंड डम्पर ट्रक यूनियन के अध्यक्ष कंवराजसिंह जाम ने बताया कि आरएसएमएम सोनू माइंस में बीते काफी वर्षों से लाईम स्टोन की ढुलाई दरों को लेकर जिले के ट्रक मालिकों के हितों पर ठेकेदारों द्वारा कुठाराघात किया जाता रहा हैं। इस बार रेल लाईन बिछ गई हैं तो ढुलाई जैसलमेर तक ना होकर महज सोनू तक ही होनी हैं। हर बार के ठेकेदार टेंडर मिलने के बाद यहां बनी हुई ट्रक यूनियन से ढुलाई दरों को लेकर विचार-विमर्श करने की करीब 20 वर्ष पुरानी स्वस्थ परम्परा का पालन करते रहे हैं। उनका आरोप है कि इस बार के ठेकेदार पिछले सभी ठेकेदारों द्वारा निभाई गई इस परंपरा से आगे चलकर पूर्व में यहां पर संचालित सभी ट्रकों को किनारे करके खुद के ट्रक चलाने की जिद्द पर अड़ गए हैं। जिले के स्थानीय लोगों के 450 परिवारों का गला घोंटकर केवल केवल अपने ट्रक चलाना चाहता हैं। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम ने पूरे जैसलमेर को स्थानीयता के आधार पर अब तक केवल ढुलाई का रोजगार ही दे रखा था, लेकिन नए ठेकेदार ने वह भी छीन लिया हैं। बीते कुछ दिनों से 450 ट्रक के पहिये थमे हुए हैं तथा इन सभी परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया हैं। उन्होंने बताया कि यहां के सभी ट्रक मालिकों ने आज से करीब 20 वर्ष पहले व्यवस्थित संचालन के लिए तथा अपने हितों की रक्षा के लिए एक संगठन बना रखा है, जिसके बैनर तले ये लोग अपनी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं, लेकिन संगठन की मांगों को सदैव हाशिये पर रखा जाता रहा हैं। इस दौरान मांगों को लेकर धरने पर ट्रक मालिक बैठ गए। यूनियन अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें रोजगार से बेदखल किया जाता है तो उसका पुरजोर विरोध करना उनका मौलिक अधिकार है।