दिल्ली पुलिस ने बीते दिनों ही किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट मामले का खुलासा किया था. इस मामले में बेंगलुरु से एक्टिविस्ट दिशा रवि को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. जिसके बाद निकिता जैकब, शांतनु की तलाश की जा रही थी.

किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट मामले में आरोपी निकिता जैकब की जमानत पर आज फैसला आना है. बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मंगलवार को इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया गया था. ऐसे में अब हर किसी की निगाह इस फैसले पर हैं.

निकिता जैकब की जमानत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. निकिता के वकीलों की ओर से औरंगाबाद बेंच का फैसला रखा गया है.

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने बीते दिनों ही किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट मामले का खुलासा किया था. इस मामले में बेंगलुरु से एक्टिविस्ट दिशा रवि को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. जिसके बाद निकिता जैकब, शांतनु की तलाश की जा रही थी.

पुलिस के वारंट के बाद निकिता ने किया था HC का रुख
आरोप है कि निकिता और शांतनु भी खालिस्तानी समर्थकों के संपर्क में थे, जिन्होंने कथित टूलकिट को बनाने में सहायता की. ये वही टूलकिट थी जिसे दिशा रवि ने क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को भेजा था. इसी मामले से बेंगलुरु से गिरफ्तार की गई दिशा रवि भी पांच दिन की पुलिस हिरासत में है.

दिल्ली पुलिस की ओर से निकिता जैकब के खिलाफ गैर-जमावती वारंट जारी कर दिया गया था. जिसके बाद पेशे से वकील निकिता ने अदालत का रुख किया और इस मामले में राहत की अपील की थी. इस मसले पर सुनवाई हो चुकी है, बस फैसला आज सुनाया जाना है. निकिता ने अदालत से चार हफ्ते की ट्रांजिट जमानत की मांग की है.इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस का मानना है कि निकिता जैकब का रोल काफी बड़ा है और वो एक तरह से कमिटेड ऑपरेटर है. यही कारण है कि दिल्ली पुलिस की कोशिश है कि जल्द से जल्द निकिता उनकी पकड़ में आए, ताकि टूलकिट मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाए.

शांतनु को मिल चुकी है राहत
बीते दिन इसी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से अन्य आरोपी शांतनु को राहत मिली थी. हाईकोर्ट ने शांतनु मुलुक को दस दिन की अग्रिम ट्रांजिट जमानत दे दी थी. हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस को पक्षकार नहीं बनाया गया था, जिसपर कोर्ट में आपत्ति भी जाहिर की गई थी.