तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग पर दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 56वां दिन है. आज ही किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच दसवें दौर की बातचीत होनी है. पहले यह बैठक मंगलवार (19 जनवरी) को होनी थी लेकिन केंद्रीय कृषि सचिव ने इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित करते हुए किसान नेताओं को बुधवार (20 जनवरी) को बैठक के लिए आमंत्रित किया था. किसान गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने पर अड़े हैं. सुप्रीम कोर्ट में आज इस पर भी सुनवाई होनी है.

40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अभी तक कुल नौ दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन सभी बातचित बेनतीजा रही हैं और गतिरोध बरकरार है. किसान तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी चाहते हैं, जबकि सरकार उसमें संशोधन करना चाहती है. उसमे बदलाव करना चाहती है.

केंद्रीय कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने किसान संगठनों को सोमवार को लिखे एक पत्र में कहा था, ‘‘प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ सरकार के मंत्रियों की वार्ता 19 जनवरी को होने वाली थी. कुछ कारणों से बैठक को टालना आवश्यक हो गया. उन्होंने कहा, अब बैठक विज्ञान भवन में 20 जनवरी को दोपहर दो बजे से होगी. आपसे बैठक में भागीदारी करने का आग्रह किया जाता है.

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर अगर हजारों लोग दिल्ली में आएंगे, तो सुरक्षा व्यवस्था की समस्या खड़ी हो जाएगी, जबकि किसानों ने तर्क दिया है कि जब गणतंत्र दिवस की परेड खत्म हो जाएगी, उसके बाद ही अपनी ट्रैक्टर रैली निकालेंगे और इससे किसी को तकलीफ नहीं होगी.