दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। अकरकरा एक आयुर्वेदिक वनस्पति है, जिसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। अंग्रेजी में इसे Spanish pellitory कहा जाता है। आयुर्वेद में इसका औषधि रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका भारत सहित दुनियाभर में दवा के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। हालांकि, प्राचीन भारत में इसके इस्तेमाल का कोई उल्लेख नहीं है। इसकी जड़ से दवा बनाई जाती है जो कई रोगों में लाभकारी होता है। इससे हिचकी, अर्थराइटिस, लकवा आदि रोगों में आराम मिलता है। विशेषज्ञों की मानें तो अकरकरा स्वास्थ्य के लिए कई दृष्टिकोण से फायदेमंद है। बदलते मौसम में फ्लू, सर्दी-खांसी और जुकाम से निजात मिलता है। आइए इसके फायदे जानते हैं-

सर्दी-खांसी और बुखार में आराम मिलता है

विशेषज्ञों की मानें तो बुखार और सर्दी-खांसी में अकरकरा का सेवन करना लाभदायक होता है। इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल के गुण पाए जाते हैं जो फ्लू को दूर करने में सहायक होते हैं। इसके लिए अकरकरा के पाउडर में चिरायता के रस को मिलाकर सेवन करना चाहिए। इससे बुखार में आराम मिलता है। जबकि सर्दी खांसी में अकरकरा के फूल का सेवन फायदेमंद होता है।

पाचन तंत्र मजबूत होता है

इसके सेवन से पेट संबंधी सभी विकार दूर हो जाते हैं। अगर आपको कब्ज, अपच, बदहजमी और एसिडिटी आदि की शिकायत है, तो आप अकरकरा का सेवन करें। इसके लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच अकरकरा पाउडर मिक्स कर रोजाना सेवन करें। इससे आपको जल्द आराम मिल सकता है।

लकवा रोग में फायदेमंद है

अकरकरा लकवा रोग में लाभदायक है। कई शोधों में इसका खुलासा हुआ है कि लकवा रोग में अकरकरा असरदार है। इसके लिए लकवा के मरीजों को अकरकरा और शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए। इससे बहुत जल्द आराम मिलता है।

हिचकी में मिलता आराम है

ऐसा माना जाता है कि हिचकी में भी अकरकरा का पाउडर फायदेमंद होता है। इसके लिए अकरकरा का पाउडर और शहद को मिलाकर सेवन करना चाहिए। इससे हिचकी रुक जाती है।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।