गाजीपुर बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की संख्या लगातार घट रही है. लेकिन क्या घटती संख्या भी किसानों की एक सोची समझी रणनीति है. गाजीपुर बार्डर पर चल रहे आंदोलन की तस्वीर मंगलवार की है. बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए बड़े जनरेटर अब किसान लगा रहे हैं और आंदोलन कर रहे किसानों को गर्मी से बचाने के लिए 120 फीट लंबा पक्का टेंट भी लगाया जा रही है. लेकिन किसानों की घट रहा तादात भी एक किसान नेताओं की एक रणनीति का हिस्सा हैं.

गाजीपुर बार्डर किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता जगतार बाजवा ने कहा, ”किसानों की संख्या घट नहीं रही है बल्कि एक स्ट्रैटेजी के तहत हम किसानों को भेज रहे हैं आलू की फसल तैयार है. अब हम खेत खलिहान तक लेकर जाएंगे. इसकी वजह से हम भेज भी रहे हैं.”

गाजीपुर बार्डर पर किसान अपने तंबू उखाड़ रहे हैं, लेकिन किसान नेताओं का तर्क है कि ये कभी भी बुलावे पर आ सकते हैं. बदलती रणनीति एक हिस्सा ये भी है कि अब किसानों की संख्या सोशल मीडिया पर बढ़ाई जाएगी. बुधवार से एक काउंटर खोल कर किसानों को ट्विटर और फेसबुक पर अकाउंट भी खोला जाएगा और ट्रेनिंग भी दी जाएगी. ताकि किसान आंदोलन के खिलाफ प्रोपोगंडा करने वालों को सोशल मीडिया पर जवाब दिया जा सके.

जगतार बाजवा ने कहा, ”हम देख रहे हैं कि कुछ मीडिया और सोशल मीडिया पर किसानों के बारे में झूठी खबरें दी जा रही है. हम लोग किसानों के ट्विटर और फेसबुक के अकाउंट खोलेंगे.”