किसानों को धरना देते हुए 19 दिन हो चुके हैं और केंद्र सरकार से छह दौर की हुई बातचीत का अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. सरकार कानूनों को किसानों के हित में बता रही है, जबकि किसान संगठन इसे वापस लिए जाने की मांग पर डटे हैं.इसी बिच मध्य परदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानो को कुकुरमुत्ता कहा है.उन्होंने कहा की किसान कुकुमते की तरह कही से भी निकल आये है.

उन्होंने कहा की किसान को समझ नहीं आ रहा किसानो की फायदे के लिए बिल लाया गया है और वो है सड़क पर बैठ धरना दे रहे.उन्होंने यहाँ तक कह दिया की ये देश की विकास में रोड़ा बन रहे.और जो देश की विकास में रोड़ा बनते है वो एंटी नेशनल के नाम से जाने जाते है. ये किसान नहीं हैं, बल्कि व्हीलर डीलर और एंटी नेशनल हैं.’

दरअसल कमल पटेल किसान संवाद कार्यक्रम के तहत उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे.उसी दौरान उन्होंने यह बातें कहीं. बीजेपी ने नए कृषि कानूनों के बारे में किसानों को बताने के लिए पूरे देशभर में कैम्पेन चलाया है, जिसमें पार्टी के नेता ये बता रहे हैं कि किस तरह ये कानून उनके हित में हैं.

इधर कृषि मंत्री ने भी एक बयान जारी कहा की हम किसानो से बात करने के लिए तैयार है.उन्होंने कहा, ‘हमने किसानों को अपना लिखित प्रस्ताव भेजा है और हम अगले दौर की बात के लिए उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. ये तीनों विधेयक किसानों के कल्याण के लिए हैं.’