देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामलों में कमी और टीकाकरण अभियान (Vaccination Drive) के बीच बिहार में COVID-19 टेस्टिंग में गड़बड़ी (Bihar Corona Testing Scam) के आरोप लग रहे हैं, जहां स्वास्थ्यकर्मी फर्जी नाम और मोबाइल नंबर के जरिये फर्जी टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे थे. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा (Manoj Jha) ने शुक्रवार को इस मुद्दे को सदन में उठाया और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में आज कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में बिहार में कोविड-19 टेस्टिंग के साथ जो खिलवाड़ हुआ है वह बात सामने आई है. सातवें दिन आंकड़ा एक लाख हो गया. 14 वें दिन दो लाख हो गया अब सब चीजें सामने आ रही हैं. कई ब्लैंक कॉलम्स है. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जी इसकी इंक्वायरी से ही मालूम पड़ेगा यह जांच का विषय है.

वहीं, बिहार के खगाड़िया के रहने वाले एक शख्स का दावा है कि लॉकडाउन के चलते हमारा काम बंद हो गया था. तीन महिलाओं को जांच के लिए ले जाया गया था. बिना जांच के ही तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी. इन्हें क्वॉरंटीन में रख दिया गया. हमने डीएम से इस मामले की शिकायत की तो उन्होंने जांच कराई और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छोड़ दिया गया. उन्होंने स्वास्थकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.