उतर प्रदेश में कांस्टेबल ने महिला पुलिस के साथ पुलिस लाइन में ही किया बलात्कार.महिला सिपाही का आरोप है कि किराये का मकान दिखाने के बहाने आरोपी कॉन्स्टेबल ने उसे अपने क्वॉर्टर पर बुलाकर रेप किया.

आपको बता दे की उत्तर प्रदेश के गोंडा (Gonda) जिले की पुलिस लाइन में एक सिपाही ने अपनी जूनियर महिला सिपाही (Woman constable) से बलात्कार (Rape) किया.महिला सिपाही का आरोप है कि किराये पर मकान दिखाने के बहाने उसने उसे अपने क्वॉर्टर पर बुलाकर रेप किया. आरोपी सिपाही के खिलाफ रेप का मुक़दमा दर्ज हो गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. महिला सिपाही दूसरे शहर की रहने वाली है. उसे गोंडा में किराये के मकान की ज़रूरत थी. उसका इल्ज़ाम है कि उसके साथी सिपाही ने उसे फोन कर बताया कि किसी ने उसे एक मकान की जानकारी दी है. वो आ जाए तो उसे ले जाकर दिखा देगा. महिला सिपाही का इल्ज़ाम है कि वहां उसने उसके साथ रेप किया.देखा जाये तो कही न कही पुलिस या सर्कार की ये बदसलूकी कह सकते है. क्युकी जब पुलिस प्रसाशन ही सुरक्छित नहीं रहेंगे तो जनता को कैसे सुरक्छित महसूस करवाएंगे.

वही पूछने पर पीड़ित महिला सिपाही ने बताया कि ”हम 10 तारीख को गए थे. अंकित भाई को एक लड़के का फोन आया था..कमरा दिखाने के लिए. हम गए तो अंकित भाई अपने कमरे में ज़बरदस्ती हमको घसीटकर ले गया. हमारे साथ अंकित भाई ने ज़बरदस्ती की. हमारा मुंह दबा लिया. जब हम बहुत मुश्किल से छूटकर भागे तो हमें जान से मारने की धमकी दी. वही कुछ लोगो का कहना है की सरकार कहती है की उत्तर प्रदेश में सब कोई सुरक्छित है. लेकिन ये मामला सामने आने के बाद अभी तक सरकार के तरफ से कोई बात नहीं बोली गई है साफ के तौर है.

जब उसने अपने घर वालों को फोन करके आपबीती सुनाई तो उसकी मां और भाई उसके पास पहुंचे. उनके कहने पर उसने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई. महिला सिपाही इस वारदात से इतना डर गई की उसने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी.

पुलिस के लोग पुलिस की बदनामी के डर से इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. एडीशनल एसपी महेंद्र कुमार ने कहा कि ”पुलिस लाइन में तैनात एक महिला आरक्षी द्वारा एक तहरीर दी गई है, जिसमें उसके द्वारा एक दूसरे कॉन्स्टेबल को आरोपित किया गया है. इस पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है. और जब तहरीर दी तब उसका अभियोग पंजीकृत हुआ और चूंकि विभागीय दोनों हैं और इस पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.’ पुलिस ने अपनी डेपैरटमेंट की बदनामी के लिए अपनी सफाई दे रही है. लेकिन सोचने वाली बात यह है जब पुलिस खुद सुरक्छित नहीं है तो कैसे जनता को आश्वासन दे पायेगी.