कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का आज 32 वा दिन है। हाल ही में सरकार के द्वारा एक नया प्रस्ताव आया है जिसको किसानो ने स्वीकार करलिया है। केंद्र के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को किसान संगठनों ने स्वीकार कर लिया और इसके लिए 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे का समय प्रस्तावित किया है। अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार सोमवार तक किसान संगठनों को बातचीत के प्रस्ताव पर स्वीकृति पत्र भेज देगी।

सूत्रों से पता चला है की सरकार द्वारा भेजे गए नए पात्र में किसान संगठन की मानगो को मद्दे नज़र रखते हुए विचार-विमर्श करने के बाद न्योता भेजा जाएगा। सरकार ने किसान संगठनों को कृषि कानूनी में जो संशोधन का प्रपोजल भेजा था, सरकार उस प्रस्ताव पर चर्चा को आगे बढ़ाएगी। माना जा रहा है कि सरकार सोमवार तक बातचीत के प्रस्ताव पर सहमति पत्र भेज सकती है।

शनिवार को सरकार द्वारा किसान संगठन को पात्र भेजा गया था, जिस पर संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से 29 दिसंबर को बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है। शनिवार को सिंघु बॉर्डर पर बैठक के बाद किसान संगठन के एक संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से 29 दिसंबर को बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है। सिंघु बॉर्डर पर बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारा प्रस्ताव है कि किसानों के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे आयोजित की जाए।