किसान सरकार से बातचीत करने के लिए सिंघु बॉर्डर से रवाना हो चुके है.केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश का कहना है कि उन्हें उम्मीद है आज ही किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा. सरकार किसानों के साथ खुले मन से बात कर रही है, जो भी सुझाव आएंगे उसपर विचार किया जाएगा.

किसान नेता राकेश टिकैत का कहा है की – सरकार को बिल वापिस लेनी ही होगी सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है.टिकैत न कहा की सरकार संसोधन की बात पर राजी हो गयी मगर इससे बात नहीं बनेगी.बिल वापिस से कम हमे कुछ भी मंज़ूर नहीं होगा.

किसान आंदोलन पर राजनाथ सिंह ने राहुल गाँधी पर पलटवार करते हुए कहा की मई एक किसान घर के लड़का हूँ .ऐसे में वो राहुल गांधी से अधिक खेती के बारे में जानते हैं. कृषि कानूनों को किसानों की भलाई के लिए लाया गया है.

किसान आंदोलन में शामिल किसानों पर खालिस्तानी समर्थक होने का आरोप लगने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि किसानों पर इस तरह का आरोप नहीं लगना चाहिए. हम किसानों का सम्मान करते हैं, वो हमारे अन्नदाता हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ कृषि कानून के हर मसले पर चर्चा करने को तैयार है, नए कानून किसानों की भलाई के लिए हैं. अगर किसी को कोई दिक्कत है तो सरकार चर्चा को तैयार है.

किसान के पास चार प्रमुख मुद्दे –

किसानों की ओर से सरकार के साथ चर्चा करने से पहले ही एक जवाब भेजा गया था. जिसमें किसानों ने कहा था कि वो अपने निश्चित चार मुद्दों पर ही चर्चा करना चाहते हैं, जिनमें कृषि कानून के वापसी के तरीके, बिजली बिल से जुड़े कानून की वापसी, एनसीआर में प्रदूषण को लेकर बिल पर चर्चा और पक्की एमएसपी पर बात करेंगे