कृषि कानून के खिलाफ किसानो का आज आठवे दौर का बातचीत हुई.उसमे भी मसला नहीं सुलझ पाया.पिछली बातचीत में सरकार बिजली बिल और पराली जलाने के मसले पर किसानों की मांग मान गई थी, लेकिन अब MSP और कृषि कानून वापसी पर दोनों पक्षों में चर्चा हो रही है.

सरकार की मंत्रियों से बातचीत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- 8 जनवरी 2021 को सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी. उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने पर और MSP के मुद्दे पर 8 तारीख को फिर से बात होगी. उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बता दिया है कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं .

किसान नेताओं ने कहा हम सरकार से पूछते है की फायदा गिनवाओ तो वो कहते है आपको नुकसान नहीं होगा.केंद्र सरकार के तरफ से आये बात करने मंत्रियों ने कहा की वे एक बार फिर से किसान संगठनों से बात करेंगे. दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की वार्ता 8 जनवरी को होगी.

क़ानून वापसी पर अड़े किसानो के सामंने सरकार ने संयुक्त कमेटी बनाने प्रस्ताव रखा मगर किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और सरकार को अपनी प्रस्ताव वापिस लेनी पड़ी.किसानो ने प्रस्ताव को बिना समय बर्बाद किया कमेटी को खारिज कर दिया.मीटिंग शुरू होते ही किसान नेताओं ने कहा की बिल वापिस लेनी है या नहीं इस पर कृषि मंत्री ने कहा – हम तीन कानूनो में संशोधन के लिए तैयार हैं. इसी बहस के बीच लंच ब्रेक लिया गया.

बता दें इस बार भी किसान अपने खाना पीना का प्रबंध खुद से किये.लंगर से खाना मंगाया और फिर भोजन किया.उन्होंने कहा कि सरकार कृषि कानून के फायदे गिना रही है,जबकि किसान कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी तीनों कानूनों को लेकर गतिरोध बरकरार है.