सुशांत सिंह राजपूत की मौत (Sushant Singh Rajput death case) के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जिस में रिया की ओर से वकील श्याम दीवान मौजूद थे, वहीं बिहार सरकार का पक्ष वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने रखा। सुशांत के पिता की ओर से वकील विकास सिंह और महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना है कि रिया के खिलाफ मामले की जांच कौन करेगा। मंगलवार को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को लिखित जवाब के लिए गुरुवार तक का समय दिया था, रिया  और बिहार सरकार ने अपना लिखित जवाब फाइल कर दिया है। बिहार सरकार ने अधिवक्ता केशव मोहन के जरिए पेश किए गए लिखित अभिवेदन में कहा गया है,’जांच का जिम्मा संभालने और इसे तेजी से निपटाने के सीबीआई के रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा डालने की अनुमित नहीं दी जानी चाहिए।’ वहीं रिया चक्रवर्ती ने अपने लिखित अभिवेदन में कहा कि बिहार पुलिस के आदेश पर जांच का जिम्मा सीबीआई को स्थानांतरित किया जाना अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।रिया ने पटना में दर्ज FIR को मुंबई ट्रांसफर करने को लेकर कोर्ट में दलील दी थी कि सुशांत के पिता की एफआईआर का पटना में किसी अपराध से कोई कनेक्शन नहीं है,  मामला एकतरफा है। राज्य इसमें भारी दखल दे रहा है। बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए इस केस को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं बिहार पुलिस ने कहा था कि मुंबई पुलिस राजनीतिक दबाव में तथ्यों को छिपा रही है।बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मामले की जांच सीबीआई से कराने संबंधी अनुशंसा केंद्र सरकार से की थी जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार किया था। अब इस मामले की जांच सीबीआई के हाथ में है। हालांकि सीबीआई ने अभी तक सुशांत के परिवार के बयान ही दर्ज किए हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद इस मामले में तेजी देखने को मिल सकती है।बता दें बिहार के रहने वाले सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई में उनके घर पर फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था।मुंबई पुलिस ने इस मामले में 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, वहीं रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले सुशांत के पिता का कहना है कि उन्हें मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं है।