बिहार में फिर से एक बार अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। फिर से बिहार जंगलराज की तरफ बढ़ रहा है। बिहार की राजधानी में एक बार फिर से एक घटना को अंजाम दिया गया है। पिछले शाम पटना एयरपोर्ट पर तैनात रुपेश कुमार को गोली मार कर अपराधियों ने मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा की अपराधी बाइक पर सवार होकर आये थे और रुपेश पर ताबड़तोड़ 6 राउंड फायरिंग कर दी। जिससे रुपेश की मौके पर ही मौत हो गयी। उसके बाद अपराधी हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए।

इस घटना से बिहार के मुख्यमंत्री का खूब मखौल बनाया जा रहा। हर कोई नितीश सरकार पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा की सरकार अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार सुबह ट्वीट करके कहा, ‘अनैतिक और अवैध सरकार के संरक्षण में अपराधों और दुष्कर्मों की प्रतिदिन संख्या बढ़ना NDA की सामूहिक विफलता है.

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा की ‘ नीतीश जी द्वारा अपराधों को छिपाने की चेष्टा एवं उसे स्वीकार नहीं करना ही सबसे बड़ा अपराध और अपराधियों के लिए रामबाण है. उनसे बिहार नहीं संभल रहा, वो अविलंब इस्तीफ़ा दें.’ विपक्ष इस घटना को लेकर काफी चौकस नज़र आ रही।

इस घटना से बिहार की सियासी घमासान भी बढ़ गया है। इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या के बाद CBI जाँच की मांग भी उठ रही। पापु यादव ने साफ कहा की इस घटना की जाँच CBI से करवाई जाए वर्ण जाँच नहीं हो। इसके बाद बीजेपी के सांसद विवेक ठाकुर ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं. विवेक ठाकुर ने कहा है कि या तो बिहार सरकार 3 से 5 दिन के भीतर अपराधियों को पकड़े या फिर ये मामला CBI को सौंपे.