आप मै से कई लोग ये नहीं जानते होंगे के बिहार चुनाव मै संघर्ष करने से पहले तेजस्वी यादव ने क्रिकेट के पिच मै भी संघर्ष किया है पर सायद क्रिकेट पिच पर वो , वो खिलाडी नहीं बन पाए जो वो चाहते थे। पर अगर हम बिहार इलेक्शन की पिच की बात करे तोह तेजस्वी यादव एक बहुत हे अच्छे खिलाडी निकले। एग्जिट पोल्ल की मने तो उनकी जित तय है । आरजेडी के इस लक्ष्य को हासिल करने के पीछे उन नेताओं की भूमिका अहम रही, जिन्हें तेजस्वी यादव का नाक, कान और आंख भी कहा जाता है।
ये सभी नेता जिनका जिक्र हम आगे करेंगे वो सभी नेता तेजस्वी टीम के बहुत ही अहम सदस्या है। इन ही लोगो ने तेजस्वी यादव के चुनावी जित के लिए फील्डिंग सजाई थी और अब उस फील्डिंग का असर नज़र आरही है।
1 – जगदानंद सिंह लालू परिवार के वफादार , 74 साल के बुजुर्ग नेता जो तेजस्वी यादव के पीछे मजबूती से खड़े है । जगदानंद सिंह उन नेताओ मै आते है जिन्हे बहुत अनुभव है। उनकी राजनीतिक कौशल की पहचान तो सबको ही है जब उन्होंने 2009 मै लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के कद्दावर नेता लालमुनि चौबे को हराया था।
2 – मनोज झा जो आरजेडी के राज्‍यसभा सांसद है उन्होंने इस चुनाव मै आरजेडी के राजनतीकि रणनीति बनाते हुए दिखाई दिए है
उन्होंने पार्टी के जीत के लिए रणनीति बनाई, जिसे तेजस्‍वी यादव ने बखूबी तरीके से जमीन पर उतारा। वे एक गंभीर रिसर्चर और सामाजिक न्याय के विषय की महारथी के तौर पर भी जाने जाते है।
3 – संजय यादव उन्हें तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार के तोर पर जाने जाते है उन्होंने दिल्ली से एमएससी और फिर एमबीए किया है। रैलियों की रूप रेखा सब कुछ संजय यादव तय करते है । 2015 के चुनाव में भी आरजेडी के लिए अहम भूमिका निभाई थी संजय यादव ने ।
4 – आलोक कुमार मेहता तेजस्वी यादव की सरकार मै रणनीतिकार नेताओं से एक है । 2004 में लोकसभा सांसद रहे है और 2015 में उजियारपुर से विधायक चुने गए थे