नई दिल्ली: ब्रिटिश सरकार की टाटा ग्रुप की कंपनियों जगुआर लैंड रोवर (JLR) और टाटा स्टील (Tata Steel) के साथ बेलआउट वार्ता टूट गई है। फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। ब्रिटेन की सरकार का मानना है कि टाटा ग्रुप (Tata Group) के पास पर्याप्त फाइनेंस हैं और वह सरकारी बेलआउट के लिए क्वालीफाई नहीं करती है।

यह डील नहीं होने से इन दोनों कंपनियों को इकॉनमिक संकट से निपटने के लिए प्राइवेट फाइनेंसिंग पर निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि से दूसरी तरह की राहत पाने के लिए दोनों कंपनियों की सरकार से बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक टाटा स्टील को सरकारी लोन मिल सकता है। इस बारे में ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय ने कहा कि इनडिविजुयल फर्म्स पर टिप्पणी नहीं करता है।

चीफ का वेतन 30 फीसदी बढ़ा
उधर टाइम्स के मुताबिक पद छोड़ने जा रहे जेएलआर के चीफ राल्फ स्पेट का वेतन पिछले साल 30 फीसदी बढ़कर 4.44 मिलियन पौंड हो गया। उनका वेतन ऐसे वक्त बढ़ाया गया जब कंपनी ने कॉस्ट कटिंग का लक्ष्य बढ़ाकर 2.5 अरब पौंड कर दिया और हजारों नौकरियों में कटौती कर दी। अखबार के मुताबिक पिछले चार साल में राल्फ की कुल कमाई 1.8 करोड़ पौंड रही। कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 pandemic) से ब्रिटेन की इकॉनमी बुरी तरह प्रभावित हुई है।