आजतक’ को खुफिया एजेंसियों की जो रिपोर्ट हाथ लगी है उसमें एक बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की आर्मी अफगानिस्तान- पाकिस्तान के बॉर्डर की पहाड़ियों में किसी गुप्त जगह पर तालिबानी, अफगानी और पठानी आतंकियों को हथियारों की ट्रेनिंग दे रही है.

सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इन आतंकवादियों को पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो ट्रेनिंग दे रहे हैं. ट्रेनिंग के बाद इन आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लॉन्च पैड पर लाने का एक प्लान है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि पाक अधिकृत कश्मीर के कई लॉन्च पैड को पाकिस्तान की आर्मी सीजफायर की आड़ में सक्रिय कर चुकी है. यहां पर करीब 380 से ज्यादा आतंकवादियों को इकट्ठा किया गया है.

डिफेंस इस्टैब्लिशमेंट की रिपोर्ट की मानें तो यह पिछले महीने लॉन्च पैड पर आतंकियों की मौजूदगी से 22 फीसदी ज्यादा की संख्या बताई जा रही है. जम्मू कश्मीर में जिस तरीके से पिछले साल आर्टिकल 370 हटाया गया उसका एक साल पूरा हुआ है. इस एक साल पूरे होने के बाद पाकिस्तान बौखलाहट में है और बदला लेना चाहता है. दूसरी ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर घाटी में सतर्क हैं और लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. इस कार्रवाई में डेढ़ सौ के आसपास आतंकी इस साल अब तक मारे जा चुके हैं.

कश्मीर घाटी में लगातार आतंकियों के पिछलग्गू ओवरग्राउंड वर्कर को भी सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार कर रही हैं. इन ओवरग्राउंड वर्कर की कमी की वजह से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एक नई चाल चल रहा है. इसमें महिला ओवरग्राउंड वर्कर को वह हथियार पहुंचाने और आतंकियों तक मैसेज देने के लिए इस्तेमाल कर रहा है. खुफिया रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि महिला और ग्राउंड वर्कर के जरिए विदेशी आतंकी स्थानीय मदद लेने में जुटे हुए हैं.