कोरोनावायरस और फ्लू के लक्षण:

कोरोना वायरस महामारी के कहर को शुरू हुए 8 महीने से ज़्यादा का समय बीत चुका है। अब तक ये समझ आ गया है कि गंध और स्वाद का न महसूस होना कोरोना वायरस के सबसे आम लक्षणों में से एक है। यहां तक कि बुख़ार, सूखी खांसी और थकावट के अलावा गंध और स्वाद की हानि इस बीमारी की निशानी बन गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले गंध और स्वाद का न आना आम फ्लू या जुकाम की निशानी था। राइनोलॉजी की पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, ये जानना ज़रूरी है कि कोरोना वायरस के लक्षण बाकि वायरल इंफेक्शन और ज़ुकाम से कैसे अलग हैं।

कोविड-19 में गंध और स्वाद का महसूस न होना ज़ुकाम से कैसे अलग है?

राइनोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन इस तरह का पहला शोध है, जिसमें बताया गया है कि कोविड-19 में गंध और स्वाद की हानी कैसे ज़ुकाम के लक्षणों से अलग है।

ये रिसर्च पूर्वी एंग्लिया विश्वविद्यालय में आयोजित की गई थी, और निष्कर्षों से पता चला कि कोरोना वायरस रोगियों के मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

शोध में क्या पता चला?

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने 10 कोरोना वायरस, 10 ज़ुकाम और 10 बिल्कुल स्वस्थ लोगों का सर्वेक्षण किया था। शोध में आम ज़ुकाम और कोरोना वायरस में गंध और स्वाद की हानी में ये फर्क देखे गए:

1. गंध की हानि के बावजूद कोरोना वायरस के मरीज़ों को सांस लेने में तकलीफ नहीं होती।

2. उनकी नाक बहती नहीं है और न ही बंद होती है।

3. उन्हें कड़वे और मीठी स्वाद में फर्क पता नहीं चलता।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस रोगियों में गंध और स्वाद का नुकसान कहीं ज़्यादा होता है, क्योंकि उन्हें वास्तव में किसी स्वाद में फर्क समझ नहीं आता। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि कोविड-19 रोगियों में गंध और स्वाद न महसूस होने की परेशानी दिमाग़ और तंत्रिका तंत्र पर कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण हो सकती है।

कोरोना वायरस स्वाद और गंध को कैसे प्रभावित करता है?

  1. वैज्ञानिक और चिकित्सा समुदाय हर दिन इस वायरस के बारे में नई-नई बातें सीखते हैं। ऐसी कई रिपोर्टें मिली हैं, जो बताती हैं कि कोविड-19 व्यक्ति के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है, जिससे कई न्यूरोलॉजिकल लक्षण पैदा होते हैं।