जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल रहे जीसी मुर्मू ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. 5 अगस्त 2020 जब राज्य में अनुच्छेद 370 हटे एक साल पूरा हो रहा है, ऐसे मौके पर दिया गया इस्तीफा हर किसी को चौंका गया. लेकिन रिकॉर्ड को देखें तो इसकी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी. क्योंकि कुछ मोर्चों पर जीसी मुर्मू और चुनाव आयोग के बीच विवाद चल रहा था, जिसको लेकर खासी नाराजगी सामने आई थी.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सरकार की ओर से मार्च 2020 में एक कमीशन बनाया गया, जिसका काम परिसीमन की नई राहें तलाशना था. इसकी अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आरपी देसाई कर रहे थे. कमीशन को जम्मू-कश्मीर, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड राज्य में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र की नई सीमाएं तय करनी थीं.

इस कमीशन में इलेक्शन कमिश्नर सुशील चंद्रा, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के इलेक्शन कमिश्नर शामिल थे. नियम के मुताबिक, लोकसभा-विधानसभा क्षेत्र के लिए कमीशन की राय मानी जाएगी लेकिन चुनाव कब होंगे इसकी सीमा चुनाव आयोग ही तय करेगा.

getattachmentthumbnail_080620125141.jpg