सोमवार को सर्दियों के मौसम का पहला कोहरा हुआ, जिससे ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कई दुर्घटनाएं हुईं। दो लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। कोहरे के कारण अलग-अलग मल्टी-व्हीकल पाइल-अप में लगभग 50 वाहन एक-दूसरे से टकरा गए।

इसे ध्यान में रखते हुए, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा फैसला लिया है। सर्दियों में कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे की गति सीमा को कम करने का आदेश जारी किया गया है।

एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 15 दिसंबर से कम हो जाएगी और सीमाएं 15 फरवरी, 2021 तक लागु रहेंगी। कोहरे को ध्यान में रखते हुए, छोटे वाहनों की गति में 20 प्रतिशत की कमी आई है और यह भारी वाहनों में 25 फीसदी।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी और मंगलवार को इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उनके अनुसार, 15 दिसंबर से यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। भारी वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा वर्तमान में 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा।

प्राधिकरण ने कहा है कि गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सर्दियों में कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर दृश्यता कम हो जाती है जिसके कारण एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना खतरनाक हो जाता है। कोहरे की वजह से हाल के दिनों में एक्सप्रेसवे पर कई यात्रियों की मौत हो गई है।

सोमवार को दो लोगों की मौत के बाद, प्राधिकरण ने कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक वाहनों की अधिकतम गति सीमा कम की जा रही है।

एक्सप्रेसवे का संचालन और रखरखाव करने वाली कंपनी जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को इसके लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है।