नई दिल्ली: इस कोरोना वायरस (Coronavirus) के दौर में प्रेग्नेंट महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. संक्रमण के फैलने के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं और छोटे शिशुओं को स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. मां के दूध के जरिए क्या ये वायरस शिशु में प्रवेश कर सकता है? हाल ही में महिला और बाल विकास मंत्रालय (Women and Child Development Ministry) ने इसे लेकर कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी किए हैं. महिला और बाल विकास मंत्रालय का कहना है कि भले ही मां कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) ही क्यों न हो, पर उसे अपने शिशु को स्तनपान (Breastfeeding) करवाना नहीं छोड़ना चाहिए.

  • ब्रेस्टफीडिंग को लेकर महिला और बाल विकास मंत्रालय की गाइडलाइंस
    ब्रेस्टफीडिंग को लेकर महिला और बाल विकास मंत्रालय की गाइडलाइंस की मानें, तो सभी फील्ड पदाधिकारियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को ये निर्देश दिए गए हैं कि वे माताओं को आश्वस्त करें कि इस महामारी के दौरान उनके बच्चे के लिए स्तनपान कितना जरूरी है. अपनी गाइडलाइंस में मंत्रालय ने ये भी कहा है कि मां अगर कोरोना पॉजिटिव भी हो तो शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए दिशानिर्देश के अनुसार इसे जारी रखें.

बाल विकास मंत्रालय की गाइडलाइंस में ये बातें

-बच्चे के संपर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से अच्छी तरह से धोएं.
-बाहरी दूध देने के मामले में या शिशु या छोटे बच्चे को बोतल आदि से दूध देने के लिए चीजों को छूने से पहले साबुन और पानी से हाथ धोएं और बच्चे को थोड़ा दूर रखें.

शिशु को कोरोना से बचा सकता है स्तनपान
डब्ल्यूसीडी मंत्रालय ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का अभी तक यही मानना है कि स्तनपान बच्चे में कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ने के लिए इम्यूनिटी (Immunity) विकसित करने में मददगार साबित हो सकता है.