भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति कमिटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद गुरुवार को इसके गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) कर कई ऐलान किए. कोरोना संकट से वित्तीय संस्थाओं को राहत देने की कोशिश जारी है, लेकिन नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. चेक पेमेंट में सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है. ईएमआई मोरेटोरियम पर अभी कोई ऐलान नहीं किया गया है. रिजर्व बैंक गवर्नर के ऐलान की बड़ी बातें इस प्रकार हैं.

मोरेटोरियम पर कोई ऐलान नहीं

रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति कमिटी (MPC) की बैठक 4 से 6 अगस्त तक चली है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने अभी लोन ईएमआई को आगे बढ़ाने के बारे में कोई ऐलान नहीं किया है जो 31 अगस्त को खत्म हो रहा है. इसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हालां​कि बैंक इसका विरोध भी कर रहे हैं. लेकिन इसमें अभी समय है, तो रिजर्व बैंक इस महीने के दूसरे पखवाड़े में कभी भी इसके बारे में ऐलान कर सकता है.

चेक पेमेंट पर सुरक्षा

चेक पेमेंट में ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ने 50 हजार रुपये और उसके उपर के सभी चेक के लिए एक ‘पॉजिटिव पे’ व्यवस्था शुरू करने का ऐलान किया है. इससे जारी होने वाले करीब 20 फीसदी चेक इसके तहत आ जाएंगे. इसका विवरण बाद में जारी किया जाएगा.

पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं

रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों जैसे कि रेपो रेट या रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर यथावत रहेगा.

गोल्ड ज्वैलरी पर अब ज्यादा लोन

रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट के बीच लोगों को राहत देने के लिए गोल्ड लोन के बारे में ऐलान किया है. अब गोल्ड ज्वैलरी का लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो 90 फीसदी तक होगा. यानी किसी जेवरात के बाजार मूल्य के 90 फीसदी तक लोन दिया जा सकेगा. अभी तक वैल्यू के 75 फीसदी तक ही लोन मिलता था.

नकदी के लिए 10 हजार करोड़

रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट की वजह से गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं और हाउसिंग सेक्टर को नकदी की तंगी से बचाने के लिए एक बार फिर तरलता बढ़ाने की बात कही है. रिजर्व बैंक सिस्टम में 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी डालेगा. इसमें से 5 हजार करोड़ रुपये नाबार्ड के द्वारा और 5 हजार करोड़ रुपये नेशनल हाउसिंग बैंक को दिए जाएंगे.

अर्थव्यवस्था में गिरावट

रिजर्व बैंक ने कहा कि इस साल (वित्त वर्ष 2020-21) कोरोना की वजह से जीडीपी में ग्रोथ नेगेटिव रहेगी यानी इसमें गिरावट देखी जा सकती है.

म​हंगाई ऊंचाई पर

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा ​कि महंगाई ऊंचाई पर पहुंच गई है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना संकट की वजह से दुनिया के ज्यादातर देशों में महंगाई बढ़ी है. उन्होंने कहा कि अच्छे मानसून की वजह से इस साल कृषि पैदावार अच्छी हुई है और खरीफ की बुवाई भी बढ़ी है. एमपीसी का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी यानी जुलाई से सितंबर की तिमाही में भी महंगाई दर ऊंची रहेगी. ले​किन इसके बाद इसमें नरमी आ सकती है

कर्ज लौटाने को लेकर दी गयी मोहलत यानी मोरेटोरियम की सुविधा 31 अगस्त को समाप्त होने जा रही है. बैंक अधिकारी इसके दुरुपयोग की आशंका को लेकर इसकी मियाद बढ़ाये जाने का विरोध कर रहे थे.

रिजर्व बैंक ने पहले इसे मार्च से मई तक के लिए किया था, फिर मई में इसे 1 जून से 31 अगस्त के लिए तीन महीने तक और बढ़ा दिया गया. इसका मतलब यह है कि जो लोग अगस्त तक अपना ईएमआई नहीं चुका पाते, उन्हें बैंक परेशान नहीं करेंगे और उन पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी. हालांकि इस अवधि का ब्याज उन्हें देना होगा.

ऐसे लोगों की क्रेडिट रेटिंग भी खराब नहीं होगी और उन्हें डिफॉल्टर नहीं माना जाएगा. इस तरह लोगों को कुल 6 महीने तक लोन की ईएमआई नहीं देने का विकल्प मिल गया है. यह सुविधा होम लोन, क्रेडिट कार्ड लोन जैसे टर्म लोन के लिए दी गई है.

आपको बता दें कि कोविड-19 संकट के बीच एमपीसी की बैठक समय से पहले दो बार हो चुकी है. पहली बैठक मार्च में और उसके बाद मई, 2020 में दूसरी बैठक हुई. एमपीसी ने दोनों बैठकों में रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज दर में कुल मिला कर 1.15 प्रतिशत की कटौती की. इससे आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये कुल मिलाकर नीतिगत दर में फरवरी, 2019 के बाद 2.50 प्रतिशत की कटौती हो चुकी है.