शिमला, जेएनएन। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल रोहतांग टनल के लिए सिक्योरिटी (सुरक्षा) प्लान तैयार करने का आदेश दिया है। इस संबंध में बोर्ड ऑफ ऑफिसर (बीओओ) गठित किया है। आइजी सीआइडी (सिक्योरिटी) दलजीत ङ्क्षसह ठाकुर इसके पीठासीन अधिकारी होंगे। सेंट्रल रेंज के डीआइजी मधुसूदन, कुल्लू के एसपी गौरव ङ्क्षसह, लाहुल स्पीति के एसपी राजेश धर्माणी इसके सदस्य होंगे। तीसरे सदस्य केंद्रीय खुफिया एजेंसी आइबी के शिमला स्थित उपनिदेशक के प्रतिनिधि होंगे।

यह बोर्ड मनाली से लेकर लेह-लद्दाख बॉर्डर से सटे हिमाचल से जुड़े सरचू तक के अहम प्रतिष्ठानों, पुलों की सुरक्षा का आकलन करेगा। पीठासीन अधिकारी इस कार्य में कुल्लू और लाहुल के उपायुक्तों के प्रतिनिधियों को भी शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा किसी अन्य से भी तकनीकी इनपुट ले सकते हैं। डीजीपी ने अपने आदेश में बोर्ड को सलाह दी है कि इसमें शामिल पुलिस अधिकारी जम्मू- कश्मीर का दौरा करें। वहां बनिहाल में जवाहर टनल, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी टनल के सुरक्षा कार्यों का अध्ययन करें। इसकी सुरक्षा का कार्य जेएंडके पुलिस के हवाले हैं। बोर्ड अपनी विस्तृत रिपोर्ट 14 सितंबर को राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपेगी।

मोदी करेंगे उद्घाटन

अटल रोहतांग टनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। डीजीपी के अनुसार मोदी सितंबर के अंत या अक्टूबर के शुरू में टनल को देश को समर्पित करेंगे। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इससे मनाली और केलांग की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस रूट से सेना रसद सामग्री लेह तक आसानी से पहुंचा सकेगी। इससे लाहुल स्पीति में पर्यटकों की आवाजाही में बड़े पैमाने पर इजाफा होने की उम्मीद है। टनल में लंदन और दिल्ली मेट्रो पुलिस की तर्ज पर तकनीक इस्तेमाल करने पर भी बोर्ड सलाह देगा।