भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि जमा प्रमाणपत्र 5 लाख रुपये के न्यूनतम मूल्य में जारी किये जाएंगे. उसके बाद उसे 5 लाख रुपये के गुणक में जारी किया जा सकेगा. जमा प्रमाणपत्र (सीडी) एक परक्राम्य (नेगोशिएबल), असुरक्षित (बिना किसी गारंटी वाला) मुद्रा बाजार उत्पाद है. एक बैंक द्वारा एक वर्ष तक की परिपक्वता अवधि के लिए जमा किए गए धन के एवज में एक मियादी वचन पत्र के रूप में जारी किया जाता है.

रिजर्व बैंक ने यह भी कहा कि सीडी केवल ‘डिमैट’ रूप में जारी किया जाएगा और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास पंजीकृत डिपोजिटरी के पास रहेगा. केंद्रीय बैंक के इस संदर्भ में जारी दिशानिर्देश के अनुसार सीडी भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों को जारी किया जा सकता है. इस उत्पाद को कम-से-कम सात दिन के लिये जारी किया जाना चाहिए.

साथ ही बैंकों को तबतक सीडी के एवज में कर्ज देने की अनुमति नहीं होगी जबतक इस बारे में रिजर्व बैंक मंजूरी नहीं देता. आरबीआई के अनुसार जारीकर्ता बैंक को परिवक्व होने से पहले सीडी के पुनर्खरीद की अनुमति है. लेकिन यह कुछ शर्तों पर निर्भर करेगा. केंद्रीय बैंक ने दिसंबर 2020 में लोगों की राय जानने को लेकर दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया था.