आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक शुरू हो चुकी है. कल (7 अप्रैल, 2021) आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा. ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि ब्याज दरों को लेकर इसका रुख क्या होगा. क्या लोन दरों में कटौती होगी या फिर ब्याज दरें बढ़ेंगी. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से घिरी इकनॉमी को बरकरार रखने के लिए आरबीआई क्या करेगा. महंगाई की बढ़ती दरों को लेकर इसका क्या स्टैंड होगा. अमेरिका बॉन्ड पर यील्ड बढ़ने की वजह विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार की ओर रुख कम होना, ये ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर आरबीआई अपना रुख साफ करेगा.

महंगाई की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता

महंगाई ने जो रफ्तार पकड़ी है, उससे ऐसा लगता है कि यह ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगी. फ्यूल इन्फ्लेशन 5.36 फीसदी पर पहुंच गया है वहीं कोर महंगाई दर 5.36 फीसदी पर पहुंच चुकी है. ऐसे में वह ब्याज दरों में कटौती का जोखिम नहीं लेना चाहेगा. रिजर्व बैंक के लिए ग्रोथ बढ़ाना प्राथमिकता होगी. इसके बावजूद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है. अभी रेपो रेट चार और रिवर्स रेपो दर 3.35 फीसदी है. 27 मार्च 2021 से CRR तीन फीसदी से बढ़कर 3.5 फीसदी कर दी गई है. वहीं 22 मई 2021 से सीआरआर बढ़ कर चार फीसदी हो जाएगा

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं

विश्लेषकों का कहना है कि ब्याज दरों में बदलाव की कोई उम्मीद नहीं है लेकिन अगर कोरोना संक्रमण बढ़ने पर पूरा लॉकडाउन हुआ तो ब्याज दरों में कटौती हो सकती है. सभी वयस्कों को वैक्सीन मिलने तक आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी नरम रह सकती है. मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की ओर से महंगाई का अनुमान फिलहाल बढ़ाए जाने की उम्मीद नहीं है. महंगाई पर आरबीआई के अनुमान पर सबकी नजर होगी. हालांकि बिजनेस जगत को उम्मीद है कि आरबीआई पिछली कुछ समीक्षाओं के उलट इस बार ब्याज दरों में कटौती कर सकती है. इससे मार्केट में लिक्वडिटी बढ़ेगी.