आज किसान आंदोलन ले एक महीने पुरे हो गए.सरकार किसानो को अबतक सिर्फ आश्वसान देते आई है.किसान दिल्ली की सर्द मौसम में बिना अपनी जान की परवाह किये अब तक डटे हुए है.अपनी चिंता छोड़ अपनी आगे की भविष्य की चिंता करते हुए बिना किसी चीज़ की परवाह किये आपको बिलकुल जोश से भरे हुए है.

सरकार लगातार किसानों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रही है,लेकिन किसान एक न सुनने को तैयार है.वो सीधे तौर कहते है की सरकार बिल वापिस करले हम स्वेक्षा पूर्वक अपने घर को लौट जायेंगे.मगर सरकार बोल रही हम उस क़ानून में संसोधन करेंगे बाकि बिल वापिस नहीं कर रहे.इसी कसमकस के बिच फिर से राहुल गाँधी ने केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अख्तियार किया है.

एक दिन पहले पीएम की किसान पंचायत के बाद आज किसान संगठन बैठक करेंगे.दोपहर दो बजे ये बैठक होने वाली है. दूसरी तरफ राजस्थान और हरियाणा से किसान आज दिल्ली कूच करने वाले हैं.लेकिन सरकार अभी भी कोई सख्त कदम नहीं उठाने के मूड में नहीं दिख रही.सरकार का मानना है कि इन कानूनों के असर से किसान आढ़तियों के चंगुल से मुक्त होंगे और अपना अनाज अपने पसंद की कीमत पर बेच सकेंगे. लेकिन किसानों का कहना है कि नए कानून से उन्हें सरकार की ओर से मिलता आ रहा MSP का सेफ्टी वॉल्व खत्म हो जाएगा.

कांग्रेस नेता राहूल गाँधी ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा और कहा की – राहुल गांधी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है- मिट्टी का कण-कण गूंज रहा है, सरकार को सुनना पड़ेगा.

मिट्टी का कण-कण गूंज रहा है,
सरकार को सुनना पड़ेगा

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कृषि कानून के मसले पर राष्ट्रपति से मुलाकात की थी. जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान होने वाला है, देश को दिख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ खड़ा है. मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, जबतक कानून वापस नहीं होगा तबतक कोई वापस नहीं जाएगा.