कांग्रेस नेता ने दावा किया, मोदी सोचते हैं कि तमिल लोग, तमिल भाषा और तमिल संस्कृति उनके विचारों और उनकी संस्कृति के अधीन होनी चाहिए. राहुल ने कहा मोदी हर वो चीज बेच रहे हैं जो देश और तमिलनाडु के लोगों की है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करते हुए शनिवार को बीजेपी पर आरोप लगाया कि राज्य की अन्नाद्रमुक सरकार ने केंद्र सरकार के साथ समझौता कर लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो चाहते हैं वो करवाने के लिए सीबीआई एवं दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने तमिलनाडु के अपने तीन दिनों के दौरे का कोयंबटूर से आगाज किया, वह एक खुले वाहन में सवार होकर जनता से रुबरू हुए और विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित किया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव इस साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित है.

कांग्रेस नेता ने सहयोगी द्रमुक का उल्लेख किए बगैर कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के लोगों के साथ मिलकर काम करूंगा ताकि आप लोगों को वो सरकार मिल सके जिसके वे हकदार हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु में एक ऐसी सरकार लाने में मदद करना चाहता हूं जो सही मामलों में गरीबों, किसानों, मजदूरों और छोटे एवं मझोले कारोबारियों का सम्मान करती हो.” द्रमुक और कांग्रेस के रिश्तों में उस वक्त तनाव दिखा जब हाल ही में द्रमुक ने कहा कि वह पुडुचेरी में सभी 30 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। पुडुचरी में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है. राहुल गांधी के चुनावी अभियान में भी अब तक द्रमुक के पदाधिकारी नजर नहीं आए हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने आरोप लगाया की, ‘‘मोदी क्या करते हैं? उनकी तीन-चार बड़े उद्योगपतियों के साथ साझेदारी है. वे लोग उन्हें मीडिया की सेवा देते हैं और वह उन लोगों को पैसे देते हैं.” उन्होंने यह दावा भी किया, ‘‘नरेंद्र मोदी हर वो चीज बेच रहे हैं जो देश और तमिलनाडु के लोगों की है.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों से उनका सबकुछ छीनने का प्रयास हो रहा है. भाजपा पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी विचारधारा के खिलाफ लड़ रही है जो ‘‘सिर्फ एक संस्कृति, एक भाषा और इसमें विश्वास करती है कि भारत पर एक विचार का शासन होना चाहिए.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को तमिलनाडु की संस्कृति, भाषा और लोगों के प्रति कोई सम्मान नहीं है. कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘मोदी सोचते हैं कि तमिल लोग, तमिल भाषा और तमिल संस्कृति उनके विचारों और उनकी संस्कृति के अधीन होनी चाहिए.