नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तरप्रदेश की महासचिव प्रियंका गांधी आज पीड़ित परिवार से मिलने के लिए हाथरस जाएंगे। इससे पहले इन दोनों ने हाथरस की घटना को लेकर ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा भी मांगा था।

हाथरस जिले में बर्बर सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 19 साल की युवती की दिल्ली के अस्पताल में मंगलवार को मौत हो गयी थी। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हाथरस की घटना ने सभी को निर्भया कांड की भयावहता याद दिला दी है। 14 सितंबर को चार लोगों ने इस दलित युवती के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया। इस दौरान उसके साथ की गई क्रूरता के कारण पहले उसे अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे बेहद नाजुक हालत में, रीढ़ की हड्डी में चोट, पैरों और हाथों में लकवा और कटी हुई जीभ के साथ दिल्ली के अस्पताल में सोमवार को भर्ती कराया गया। वह सोमवार की रात भी नहीं काट सकी, और तड़के करीब तीन बजे उसकी सांसों की डोर टूट गयी। युवती की मौत की खबर मिलते ही सफदरजंग अस्पताल के बाहर, विजय चौक पर और हाथरस में प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

उधर, उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ दो युवकों ने दुष्कर्म किया और अस्पताल ले जाते समय पीड़िता की मौत हो गई। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने कहा कि घटना जिले के गैसड़ी क्षेत्र में हुई जहां 22 वर्षीय दलित लड़की एक निजी कंपनी में काम करती थी। मंगलवार की शाम जब वह समय पर घर नहीं पहुंची तब उसके माता पिता ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने कहा कि लड़की के माता- पिता ने बताया कि लड़की बाद में एक ऑटो रिक्शा से घर पहुंची। वर्मा ने कहा कि लड़की की हालत गंभीर थी और उसके माता पिता उसे अस्पताल ले जाने लगे लेकिन रास्ते में लड़की की मौत हो गई। उन्होंने ने कहा कि अस्पताल से मामले की सूचना पुलिस को मिलने के बाद माता- पिता ने आरोप लगाया कि लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शाहिद और साहिल नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।