राहुल गाँधी एक बार फिर कृषि कानून के खिलाफ सड़क पर उतर आये हैं। राहुल गाँधी राष्ट्रपति राम नाथ सिंह से मिलने राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो चुके थे। राहुल गाँधी ने ट्वीट कर सरकार पर धावा बोला। राहुल ने लिखा कि भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं, इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी तीन नेताओं के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे थे। कांग्रेस के मार्च को निकालने की इजाजत नहीं दी गई, जिसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। प्रियंका गाँधी ने बताया की आज जो भी सरकार से सवाल करता है, उन्हें देशद्रोही बता दिया जाता है। प्रियंका बोलीं कि सरकार के दिल में किसानों के लिए ना कोई इज्जत और ना ही रहम बचा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कृषि कानून के मसले पर राष्ट्रपति से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर भी अपना निशाना सादा। राहुल गांधी बोले कि राष्ट्रपति से हमने कहा है कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान होने वाला है, देश को दिख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ बिना बात के नहीं खड़ा है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, जबतक कानून वापस नहीं तबतक कोई वापस नहीं।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुलाए और इन कानूनों को तुरंत वापस लें। राहुल ने कहा कि आज किसान दुख और दर्द में हैं, कुछ किसानों की मौत भी हुई है। अब और क्या ही बचा है देखने को सरकार अपनी ज़िद छोड़ दे इस से पहले कुछ और ज़्यादा गलत हो।