भोपाल. बासमती चावल पर मध्य प्रदेश की भाजपा और पंजाब की कांग्रेस सरकार के बीच में सियासत गरमाती जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह की शिकायत की है। दरअसल बासमती चावल के GI टैग को लेकर पंजाब और मध्य प्रदेश में विवाद छिड़ा हुआ है, कैप्टन अमरिंदर एमपी के बासपती चावल को जीआई टैग देने का विरोध कर रहे हैं, जिसपर मध्य प्रदेश को आपत्ति है।

शिवराज सिंह ने सोनिया गांधी को पत्र लिख कहा कि अमरिंदर सिह ने पीएम को पत्र लिखकर कहा है कि वे “पंजाब और अन्य राज्यों के बड़े हित में एमपी के बासमती चावल को जीआई टैग की ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन द्वारा इजाजत नहीं दिए जाने के लिए निजी दखल दें। ऐसा करने से भारत की निर्यात क्षमता पर प्रभाव पड़ेगा तथा इससे बासमती की विशेषताओं एवं गुणवत्ता पैमाने के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में पाकिस्तान का फायदा हो सकता है।”

मध्य प्रदेश के सीएम ने सोनिया गांधी से कहा कि अमरिंदर सिंह का ये कथन किसान विरोधी है, मध्य प्रदेश विरोधी है और कांग्रेस के किसान विरोधी चरित्र को उजागर करता है। शिवराज ने कहा कि एमपी का बासमती चावल बहुत स्वादिष्ट होता है और अपने जायके और खुशबू के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि एमपी को मिलने वाले जीआई टैगिंग से इंटरनेशनल मार्केट में भारत के बासमती चावल की कीमतों को स्थिरता मिलेगी और देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

बासमती निर्यात के मामले में वर्ल्ड लीडर है भारत

आपको बता दें कि बासमती चावल के GI टैग की वजह से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत बासमती का सबसे बड़ा निर्यातक है क्योंकि दुनिया में भारत और पाकिस्तान के अलावा अन्य किसी भी देश के बासमती का GI टैग नहीं है। भारत ज्यादा मात्रा में बासमती चावल पैदा करता है और पाकिस्तान उतना चावल पैदा नहीं कर पाता, ऐसे में बासमती चावल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत वर्ल्ड लीडर है और हर साल लगभग 40 लाख टन चावल का निर्यात करता है।