स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने जोर देते हुए कहा है कि कोविड-19 के कारण स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में भारत के जूझने के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग को बंद करना कोई जवाब नहीं है. इस घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई में कमिंस 50 हजार डॉलर दान दे चुके हैं.

यह बहस चल रही है कि भारत जब गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है और वायरस से हजारों लोगों की मौत हो रही है तो ऐसे में क्या आईपीएल जारी रहना चाहिए. कुछ लोगों का मानना है कि आईपीएल बंद होना चाहिए जबकि एक वर्ग का मानना है कि इससे लोगों को खुश होने का मौका मिल रहा है.

लोगों के संसाधनों का उपयोग नहीं करने का प्रयास

कमिंस ने न्यूज चैनल वियोन से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि आईपीएल को रोकना कोई जवाब होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सुनिश्चित हो सके कि हम लोगों के किसी तरह के संसाधन का इस्तेमाल नहीं करें. मुझे नहीं लगता कि यह कोई जवाब है.’’

मैच के दौरान लोगों को घर में रखने में मदद मिली

कमिंस ने कहा, ‘‘बेशक यह पहलू यह है कि प्रत्येक रात तीन से चार घंटे खेलने से उम्मीद है कि लोगों को घर में रखने में मदद मिली है जिनकी दिनचर्या काफी कड़ी है और हम प्रत्येक दिन उनकी मदद कर सकते हैं.’’

इधर, बीसीसीआई ने कड़े किए बायो बबल के नियम

इधर,  देश में बढ़ते कोरोना मामलों के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खिलाडियों की सुरक्षा के लिए बायो बबल के नियमों को और कड़ा कर दिया है. अब खिलाड़ियों का हर दो दिन में कोरोना टेस्ट होगा. इसके साथ ही खिलाड़ियों के होटल के बाहर खाना मंगाने पर भी रोक लगा दी गई है.