पूरे देश की तरह ही जम्मू- कश्मीर में भी करोना तेजी से अपने पांव पसार रहा है और इस महामारी से निपटने के लिए जरूरी ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए अब प्रशासन प्रदेश के सभी निजी ऑक्सीजन प्लांट्स से ऑक्सीजन खरीद रहा है. आलम यह है कि प्रदेश के सभी 11 ऑक्सीजन प्लांट्स में ऑक्सीजन का उत्पादन करीब दोगुना हो गया है.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस महामारी को रोकने के साथ-साथ कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज पर भी खासा ध्यान दे रहा है. करोना के मरीजों के लिए जरूरी ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार कर ली है. जहां सरकार एक तरफ अगले एक साल में प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बात कह रही है, वही इन दिनों सरकार ने ऑक्सीजन की खपत को पूरा करने के लिए प्रदेश के सभी 11 ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन लेना शुरू कर दिया है.

ऑक्सीजन प्लांट में 24 घंटे हो रहा काम 
जम्मू में ऑक्सीजन प्लांट चला रहे बाबूराम शर्मा का दावा है कि कोरोना महामारी से पहले उनका यूनिट करीब 12 घंटे चल रहा था लेकिन अब उन्हें ऑक्सीजन की आपूर्ति को पूरा करने के लिए अपना प्लांट 24 घंटे चलाना पड़ रहा है. उनके मुताबिक पिछले कुछ समय से उनके यूनिट का उत्पादन दोगुना हो गया है, जिस को पूरा करने के लिए उनके कर्मचारी ऑवरटाइम काम कर रहे हैं.

पूरी क्षमता से कर रहे ऑक्सीजन का उत्पादन 

बाबूराम के अनुसार, वह जम्मू के साथ राजौरी तक के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं. वहीं, जम्मू के बड़ी ब्रह्मणा में करीब 4 ऑक्सीजन यूनिट्स चल रहे हैं. इस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय लंगर के मुताबिक ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने कुछ दिन पहले सभी ऑक्सीजन यूनिट की बैठक बुलाई थी और उन्हें अपनी पूरी क्षमता से ऑक्सीजन का उत्पादन करने को कहा था. हालांकि एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए जारी नाइट कर्फ्यू के दौरान ऑक्सीजन प्लांट सहित दूसरे ज़रूरी उद्योगों के कर्मचारियों को इस कर्फ्यू के दौरान आने-जाने की छूट दी जानी चाहिए.