प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन लागू करने का ऐलान किया है. उन्होने सोमवार को कहा कि इंग्लैंड के लगभग 56 मिलियन लोग पूर्ण लॉकडाउन में वापस लौटेंगे. यह लॉकडाउन संभवतः फरवरी के मध्य तक लागू रहेगा ताकि तेजी से फैल रहे कोरोना के नए स्ट्रेन को रोका जा सके. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन बुधवार से लागू हो जाएंगे. इसके तहत बुधवार से सभी स्कूल भी बंद हो जाएंगे.

ब्रिटेन में कोरोनावायरस से सबसे अधिक मृत्यु दर के कारण आबादी की तीन-चौथाई लोग अर्थात 44 मिलियन, पहले से ही कठिन प्रतिबंधों को झेल रहे हैं. जॉनसन ने कहा कि सोमवार को कोविड से संक्रमित लगभग 27,000 लोग अस्पताल में थे जो पिछले साल अप्रैल में प्रकोप की पहली लहर के चरम से भी 40 प्रतिशत अधिक है.पिछले मंगलवार को 80,000 से अधिक लोग सिर्फ 24 घंटे में संक्रमित पाए गए थे.

दुनिया के कई और देशों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहुंच गया है। चीन और स्वीडन में पहले मामलों की पहचान की गई है। अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में भी एक केस मिला है। यहां के सैन डिएगो में एक 30 वर्षीय व्यक्ति पीडि़त पाया गया है। इधर, चीनी रोग नियंत्रण केंद्र ने बताया कि ब्रिटेन से शंघाई लौटकर आई 23 साल की एक छात्रा नए स्ट्रेन से संक्रमित पाई गई। स्वीडन में भी चार मामलों की पहचान की गई है। ब्रिटेन में गत दिसंबर में वायरस का यह नया रूप मिला था। यहां से कई देशों में यह पहुंच चुका है। यह 70 फीसद अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। अफ्रीका के कई देशों में यह खतरनाक स्‍वरूप अख्तियार कर चुका है। खासकर दक्षिण अफ्रीका में यह तेजी से फैल रहा है।