सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने हाल ही में कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द करने से इंकार करते हुए ऐलान किया कि 10वीं- 12वीं के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि, अभी तक परीक्षा का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। वहीं, बोर्ड के परीक्षा आयोजित करने के फैसले के बाद से ही स्टूडेंट्स का विरोध शुरू हो गया है। स्टूडेंट्स के मुताबिक कोरोना के दौरान एग्जाम कराना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में इस फैसले के खिलाफ देश भर के 809 स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

स्थिति सामान्य होने तक परीक्षा स्थगन का मांग

स्टूडेंट्स ने कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए सीबीएसई बोर्ड के फैसले को संज्ञान में लेने का आग्रह किया है। स्टूडेंट्स ने कहा कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए स्थिति सामान्य होने तक परीक्षाओं को टाल दिया जाए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरव ने छात्रों की ओर से यह याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के बीच परीक्षाओं का संचालन जोखिम भरा हो सकता है।

बिहार और तेलंगाना बोर्ड का दिया उदाहरण

याचिका में स्टूडेंट्स ने बिहार और तेलंगाना बोर्ड के उदाहरणों का भी हवाला दिया है। दरअसल, इन दोनों बोर्ड ने भी कोरोनोवायरस के बढ़ते मामलों के कारण अपनी सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। ऐसे में स्टूडेंट्स ने सीबीएसई बोर्ड भी इस पर विचार करने का निवेदन किया है। इस साल सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में 1,50,198 स्टूडेंट्स और 12वीं में 87,651 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई थी।