कोरोना काल में कई अभिनव प्रयोग हो रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों की मान्यता के लिए होने वाले भौतिक निरीक्षण को ऑनलाइन या वर्चुअल में बदलने की ओर कदम बढ़ा दिया है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत उन स्कूलों से की गई है जो 10वीं तक पहले से सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं और अब 12वीं तक पढ़ाई कराना चाहते हैं। ऐसे तकरीबन 200 स्कूलों को मान्यता देने के लिए सीबीएसई ने देशभर के 20 प्रधानाचार्यों की टीम गठित की है जो अगस्त के दूसरे सप्ताह से स्कूलों का निरीक्षण ऑनलाइन माध्यम से कर रहे हैं।

स्कूलों में 12वीं तक की पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन व सुविधाओं का जायजा वर्चुअल विजिट से हो रहा है। मान्यता के लिए आवेदन करने वाले स्कूल के संबंध में यदि कुछ पूछताछ करनी है तो सीबीएसई का यह पैनल उस स्कूल के प्रधानाचार्य से ऑनलाइन संपर्क कर रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के लिए पहले से संचालित स्कूलों को इसलिए लिया गया है क्योंकि उसमें कागजी औपचारिकता बहुत अधिक नहीं रहती। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो प्रयागराज की अकेली प्रधानाचार्या हैं जो इस पैनल में शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने भोपाल के एक प्रधानाचार्य के साथ मिलकर बरेली के एक स्कूल का निरीक्षण करता है।