राजकुमार राव आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 31 अगस्त 1984 को हरियाणा के गुड़गांव में हुआ था। इस मौके पर उनकी फिल्मों ‘न्यूटन’, ‘मेड इन चाइना’ और ‘स्त्री’ के डायरेक्टर्स ने अभिनेता से जुड़े किस्से बताते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
राजकुमार का बचपन जॉइंट फैमिली में गुजरा, जहां सभी को फिल्म देखने का बहुत शौक था। स्कूल के दिनों से ही उनकी खासी रुचि एक्टिंग और डांसिंग में थी। दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग कि ट्रेनिंग ली और फिर फिल्मों में करियर बनाने के मुंबई का रुख किया। वहां उन्होंने आम लोगों कि तरह स्ट्रगल किया और सैकड़ों ऑडिशन देकर उन्होंने अपना मुकाम बनाया है।
राजकुमार राव ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2010 में आई दिबाकर बनर्जी की फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ से की। उसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किया जैसे ‘रागिनी MMS 2’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2’, आमिर खान की फिल्म ‘तलाश’ लेकिन उन्हें उनका ब्रेक थ्रू मिला 2013 में आई फिल्म ‘काय पो चे’ से।
‘शाहिद’ ने दिलवाया बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड
हंसल मेहता की फिल्म ‘शाहिद’ के लिए मिला बेस्ट ऐक्टर का नेशनल अवॉर्ड साथ ही इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स च्वाइस बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिला था। इसके बाद आने वाली फिल्म क्वीन (2014), अलीगढ़ (2016) और ट्रैप्ड (2016) में उनके काम को काफी सराहना मिली। 2017 में आई फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ ने उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलवाया।
इंडिया से ऑस्कर के लिए गई थी ‘न्यूटन’
‘न्यूटन’ जैसी फिल्म ने उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित किया। इसने उन्हें कमर्शियल सक्सेस के साथ कई अवॉर्ड्स भी दिलाए। उन्हें बेस्ट एक्टर एशिया पैसिफिक स्क्रीन अवॉर्ड से नवाजा गया। इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 67वें बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में किया गया। साथ ही ये भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजे जाने वाली फिल्म भी बनी।
फिल्म ‘राब्ता’ में निभाया 324 साल के बूढ़े का रोल
दिनेश विजन की फिल्म ‘राब्ता’ में राव ने 324 साल के बूढ़े का रोल निभाया था। इस फिल्म में उनके साथ कृति सेनन और सुशांत सिंह राजपूत ने मुख्य भूमिका निभाई थी। वहीं राजकुमार राव एक विलेन की भूमिका में नजर आए थे। अपने किरदार के लिए राजकुमार को प्रोस्थेटिक मेकअप का सहारा लेना पड़ा जिसके लिए उन्हें रोज 5 से 6 घंटे लगते थे। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई।
साल 2018 में उनकी फिल्म आई ‘स्त्री’ जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म में श्रद्धा कपूर और पंकज त्रिपाठी अहम भूमिका में नजर आए थे। यह फिल्म राजकुमार राव के करियर में अब तक सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। पिछले साल 2019 में उनकी तीन फिल्में रिलीज हुई थीं। ‘मेड इन चाइना’, ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ और ‘जजमेंटल है क्या’।

अमित मसुरकर, डायरेक्टर (न्यूटन)

फिल्म ‘न्यूटन’ के डायरेक्टर अमित मसुरकर ने राव के बारे में बताते हुए कहा, ‘सबसे पहले तो मैं राजकुमार राव को उनकी पहली  से जानता हूं। उस समय मैं उस फिल्म को मेकिंग शूट करने के लिए आया था और हम लोग छत्तीसगढ़ में एक 2 स्टार होटल में शूट कर रहे थे। जहां पर हमारे कमरे में टीवी नहीं था और राजकुमार को क्रिकेट इतना पसंद था कि उन्होंने उस होटल के नीचे जो इलेक्ट्रॉनिक शॉप थी उसे खुलवाया और रात में बैठकर वहां क्रिकेट मैच देखा करते थे।’
डेडिकेशन के चलते बाल घुंघराले रखवाए
‘न्यूटन’ की शूटिंग के दौरान न्यूटन के शूट से 3 से 4 महीने पहले उन्होंने एक दिन मुझे कॉल किया और उन्होंने मुझे हाकिम सलीम के सलून में बुलाया। ‘न्यूटन’ में उनके बाल घुंघराले हों यह आइडिया राजकुमार राव का था। उन्होंने कहा कि उन्होंने साइंटिस्ट आइजक न्यूटन की पिक्चर देखी थी और उसमें उनके बाल उसी तरीके से बिखरे हुए और घुंघराले थे तो उन्होंने भी सोचा कि अगर यह छोटा सा बदलाव अपने बालों में करेंगे तो शायद थोड़ा सा अंश उन्हें मिल जाए और उनकी यह बात और उनका यह डेडिकेशन मुझे बहुत पसंद आया।’
एक्शन सीन करने में निपुण है राजकुमार
‘फिल्म के दौरान मुझे पता चला राजकुमार राव मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट है जो कम लोग जानते हैं। इस फिल्म के एक सीन में राजकुमार राव बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हैं और जिस तरीके से उन्होंने किक मारी उससे मैं बहुत इंप्रेस हुआ। जब मैंने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें अक्सर ऐसी फिल्मों में कास्ट किया जाता है जिसमें उनका किरदार इंटेंस हो और जहां उन्हें कुछ एक्शन सीन करना ही ना पड़ें। लेकिन वे एक्शन सीन बहुत अच्छे से कर सकते हैं। उनकी इस बात से मैं बहुत इंप्रेस हुआ।’
रात को 3 बजे उठकर तैयार होते थे राजकुमार
‘उस समय मुझे याद है कि उनका कॉल टाइम सुबह 6:00 बजे हुआ करता था जिसके लिए राजकुमार राव रात को 3:00 बजे उठते थे, एक्सरसाइज करते थे। 2 घंटा उन्हें मेकअप करने में लगता था और उसके बाद 6:00 बजे शार्प सेट पर आ जाते थे। अपने काम को लेकर इतना डेडिकेशन दिखाना उनकी बहुत अच्छी बात है। अपनी फिटनेस को लेकर भी वह हमेशा कंसर्न रहते हैं। मैं यही कहता हूं कि जितने भी लोग फिल्म इंडस्ट्री में आना चाहते हैं उन्हें राजकुमार से प्रेरणा लेनी चाहिए।’
मिखिल मुसाले, डायरेक्टर (मेड इन चाइना)
‘मेड इन चाइना मेरी पहली हिंदी फिल्म थी लेकिन राजकुमार राव ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। वे सेट पर सबको कंफर्टेबल कर देते हैं। मुझे याद है कि शूटिंग के पहले दिन उन्होंने माइक पर एक गाना गाया था और सभी यूनिट मेंबर को डांस करवाया था ताकि सभी जो अलग-अलग जगह से और बैकग्राउंड से आए हैं एक-दूसरे के साथ कंफर्टेबल हो जाए।’ ‘साथ ही जब मैं शूटिंग के 15 -20 दिन पहले चाइना गया था रेकी के लिए तब मुझे राजकुमार का फोन आया था और उन्होंने मुझे कहा कि वो अहमदाबाद में हैं। वे दरअसल अहमदाबाद इसीलिए गए थे क्योंकि फिल्म में उनका किरदार गुजराती बिजनेसमैन का है और उस किरदार में उतरने के लिए वे उस जगह पर रह रहे थे। उनकी यह क्वालिटी कि वे अपने रोल को स्टडी करते हैं, प्रीपेयर करते हैं और उस पर मेहनत करते हैं यह बहुत ही इंप्रेसिव है।’
अमर कौशिक, डायरेक्टर (स्त्री)
‘राजकुमार राव एक ऐसे इंसान हैं जिनसे आप अपने दिल से की बातें शेयर कर सकते हैं और वह बहुत ही ध्यान से आपकी बातें सुनते हैं। वे बेहद ही सात्विक खाना खाते हैं। वे पूर्ण रूप से शाकाहारी हैं और सेट पर उनका खाना छोटी-छोटी कटोरी में आता है जैसा कि हम सब बचपन में खाया करते थे। अगर वे कहीं बाहर जा रहे होते हैं तो वो ढाबे में रुक कर खाना भी पसंद करते हैं।’
‘सेट पर सबसे ज्यादा छिछोरे या मस्तीखोर अगर कोई थे तो वो थे राजकुमार राव। उनकी सबसे यूनिक क्वालिटी ये है कि वे खुद के डायलॉग तो याद रखते ही थे लेकिन सामने वाले एक्टर के डायलॉग भी उन्हें याद होते थे। तो अगर सामने वाला कभी अपने डायलॉग भूल जाता था तो राजकुमार खुद उसे याद दिलाया करते थे। वे अपने किरदार में इतना डूब जाते हैं कि हम सेट पर उन्हें राजकुमार की जगह विक्की बुलाया करते थे।’
‘सेट पर राजकुमार राव को देखकर ऐसा लगता नहीं है कि उन्होंने बहुत इंटेंस रोल निभाए हैं, वो हमेशा मस्ती के मूड में रहते थे। मुझे लगता है कि उनके अंदर बहुत सारा कमर्शियल मसाला है जो अभी और एक्सप्लोर होना बाकी है। वे इंटेंस किरदार भी बखूबी निभाते हैं।’
‘राजकुमार राव को 90 के दशक का लगभग हर गाना याद है। वो पुराने गाने ना सिर्फ सुनना पसंद करते हैं बल्कि उन्हें हर गाने का सिग्नेचर स्टेप भी याद है। वे सेट पर हम सबके सामने इन गानों पर सिग्नेचर स्टेप करके दिखाया करते थे। सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे से लेकर कई अजीबोगरीब गाने भी उन्हें पूरी तरीके से याद है।’