कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो का आंदोलन जारी है। किसानो को भड़काने की साजिश चल रही ऐसे कई आरोप बीजेपी सरकार ने लगाए हैं। अब भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण सिंह का कहना है कि पूरे आंदोलन में 1% किसान भी शामिल नहीं हैं।

बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि किसान भोले-भाले हैं, लेकिन इनमें टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग घुस गए हैं। जिनके बारे में बात करना जरूरी है। अरुण सिंह ने जयपुर में यह बात कही थी। अरुण सिंह बीजेपी पार्टी की बैठक के लिए जयपुर गए थे। बीजेपी की ओर से लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ राजनीतिक दल और लेफ्ट संगठनों ने किसानों के आंदोलन को हाईजैक किया है और किसानो को हिंसा करने के लिए भड़काया जा रहा है।

किसान आंदोलन के बीच मंच पर शरजील इमाम, उमर खालिद समेत कुछ ऐसे एक्टिविस्टों की तस्वीर चस्पा थी, जो इस वक्त जेल में हैं।आंदोलन में इनकी रिहाई की मांग की गई थी। हो सकता है इन एक्टिविस्टों की वजह से ही बीजेपी किसान आंदोलन को लेकर ऐसे आरोप पर आरोप थोपे जा रही है।

बीते दिनों कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि आंदोलन को टेकओवर करने का ये एक भयानक् डिजाइन ह। इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि टुकड़े-टुकड़े गैंग एजेंडे को टेकओवर करने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान संगठनों के विरोध का फायदा उठाने के लिए उनकी तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही हैं। शायद ऐसे तत्वों की उपस्थिति के कारण ही सरकार के साथ बातचीत सफल नहीं हो रही है।