किसान आंदोलन (Farmers Protest) को आज 20वां दिन है. किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. सरकार और किसानों के बीच लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अब तक बातचीत किसी भी नतीजे तक नहीं पहुंची है. किसान लगातार कृषि कानूनों (New Farm Laws) को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार संशोधन की बात कह रही है.
इसे लेकर दिल्ली की सीमाओं पर हज़ारों की संख्या में किसान डटे हुए हैं. दिल्ली सीमा का सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) इसका मुख्य केंद्र बना हुआ है. सिंघु बॉर्डर पर हज़ारों किसान मौजूद हैं. इनमें महिलाएं भी हैं. आंदोलन स्थल सिंघु बॉर्डर पर गन्दगी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहाँ पिछले कई दिनों से सफाई नहीं होने के कारण प्रदर्शनकारी किसानों को काफी परेशानी हो रही है. इससे बीमारियाँ फैलने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है.
इसे लेकर किसानों ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाया है. किसानों ने कहा कि इसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन जिम्मेदार है. टॉयलेट के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. इससे मुश्किल हो रही है. पंजाब के किसान बाग सिंह ने कहा कि इससे बीमारियों का खतरा बढ़ा है. इसके बाद भी हम डटे हैं. हम जब तक जिंदा हैं, तब तक यहाँ रहकर अपनी मांग करते रहेंगे. बता दें कि प्रदर्शनकारी किसान अब गन्दगी और अव्यवस्था से भी जूझ रहे हैं. कड़ाके की ठंड भी बड़ी मुश्किल की वजह बनी हुई है.