केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-4 में 21 सितंबर से धार्मिक आयोजनों की अनुमति दे दी है पर दक्षिण दिल्ली निजामुद्दीन स्थित मरकज के दरवाजे फिलहाल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं खुलेंगे। प्रबंधन ने यह फैसला दिल्ली समेत देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर एहतियातन लिया है। यह मरकज इस वर्ष मार्च में कोरोना के शुरुआती मामलों के बीच धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में देसी-विदेशी लोगों का जमात जुटाने पर विवादों में आया था। इस धार्मिक आयोजन के बाद यहां से धार्मिक प्रचार को निकले लोगों में देश-विदेश में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे थे। यह मामला इतना गहराया कि दिल्ली पुलिस ने मरकज से सभी लोगों को निकालकर कुछ दिनों के लिए पूरी इमारत को सील भी कर दिया था। वहीं, इस प्रकरण में उसे मरकज प्रमुख मौलाना साद की तलाश अब भी है।

मरकज के अधिवक्ता रेहमान ने बताया कि दिल्ली समेत देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐहतियातन यह फैसला लिया गया है। ऊपर से यातायात सुविधा अभी भी सामान्य नहीं है। ऐसे में मरकज में आने-जाने में जमात को कठिनाई होगी। भविष्य में कुछ माह बाद इसे खोलने का कोई निर्णय देश में कोरोना और सार्वजनिक यातायात की स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा। वैसे, मरकज के सभी हिस्से की सफाई और देखभाल नियमित तौर पर हो रही है। कुछ दिन पहले साकेत कोर्ट ने राहत देते हुए मरकज के रिहायशी हिस्से को खोलने की अनुमति दी थी, जिसमें मरकज के प्रबंधन से जुड़े लोगों के परिवार और बाहर से आए लोग कुछ दिनों के लिए ठहरते हैं।

कोर्ट के इस आदेश पर दिल्ली पुलिस ने पुनर्विचार की अपील की, जिसे कोर्ट ने मान लिया है और मरकज के रिहायशी हिस्से के खोलने पर रोक लगा दी है। वैसे, मरकज का एक धड़ा तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद फैज इलाही में चलता है, जिसमें गतिविधियां 21 सितंबर के बाद से शुरू हो जाएंगी। यहां के प्रबंधन में शामिल मतलूब करीम ने बताया कि सरकार के दिशानिर्देशों के साथ ही मरकज की गतिविधियों और मदरसे का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।