कृषि कानून बिल (Farm Laws) के विरोध को लेकर उत्‍तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किसान गुस्से में आ गए हैं. आज फिर एक किसान ने चार बीघा अपनी गेहूं की खड़ी फसल को नष्ट कर दिया है. इस किसान का कहना है कि कल कुलचाने गांव के किसान सोहित ने अपनी गेहूं की खड़ी फसल को नष्ट कर दिया था, उसी वक्त मैंने भी अपनी फसल नष्ट करने का एलान कर दिया था. किसान बहुत गुस्से में है और आगे अपनी खड़ी फसल में आग लगाने की बात भी कर रहा है. किसान ने 4 बीघा जमीन में लहलहाती फसल को ट्रैक्टर के ज़रिए नष्ट करके वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्‍ट की है.

किसानों ने कृषि बिल का विरोध करने का नया तरीका ईजाद किया है, वे अपनी खड़ी फसल ट्रेक्टर चलाकर नष्ट करने लगे हैं. रविवार को भी जिले के चाँदपुर थाने के गाँव कुलचाना में एक किसान सोहित अहलावत ने अपनी 5 बीघा गेहूं की लहलहाती फसल को ट्रैक्टर के ज़रिए बर्बाद कर दिया था. सोहित ने बताया कि कृषि कानून बिल के विरोध में गेहूं की फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया है. इसी तरह आज बिजनौर जिले के नगीना तहसील के गांव तेलीपुरा के रहने वाले किसान टोनी ने अपनी खड़ी लहलहाती गेहूं की फसल के ऊपर ट्रेक्टर चलाकर नष्ट कर दिया है. टोनी कहते हैं, ‘जब तक मोदी सरकार कृषि बिल को वापस नही लेती, तब तक इसी तरह से विरोध करते रहेंगे.’ किसान का ये भी कहना है कि अभी तो खड़ी फसल नष्ट कर रहे हैं, यदि जरूरत पड़ी तो एक साल की पूरी फसलों को आग के हवाले भी किया जाएगा.

इस बीच जिले के किसानों के द्वारा गेहूं फसल को जोतने के मामले को लेकर भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगम्बर सिंह ने की अपील की है कि कोई भी किसान की खड़ी फसल को नष्ट न करे. दिगम्बर ने किसान कुलचाना के सोहित अहलावत, तेलीपुरा के किसान टोनी और मुजफ्फरनगर के भैसी गांव के किसान द्वारा गेहूं की फसल नष्ट करने वाले किसानों के प्रति दु:ख भी जताया है. दिगम्बर ने कहा, ‘राकेश टिकैत के आदेश करो. टिकैत के आह्वान पर किसान अपनी खड़ी फसलो में आग भी लगा देंगे.’