कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन से देश दुनिया में फिर हड़कंप मचा हुआ है.तो ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने खुशी से भर देने खबर दी है.नए स्ट्रेन के आने हर कोई सोच में पड़ गया था की फिर से वैक्सीन नयी बनानी पड़ेगी .मगर स्वास्थ्य विभाग ने कहा की कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी उतना ही असरदार होगा.स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि कोरोना की वैक्सीन नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी होगी. लोगों को नए स्ट्रेन से घबराने की जरूरत नहीं है

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक प्रो के विजय राघवन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैक्सीन यूके और दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले वेरिएंट के खिलाफ काम करेंगी. इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वर्तमान वैक्सीन इन कोरोना वेरिएंट्स से बचाने में नाकाम रहेंगी.प्रेस कॉफ्रेंस में मौजूद ICMR के डीजी प्रोफेसर बलराम भार्गव ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम वायरस पर बहुत अधिक इम्यून प्रेशर न डालें. हमें ऐसी थेरेपी का प्रयोग करना होगा जो लाभ देने वाली हैं. यदि फायदा नहीं होता है तो हमें उन उपचारों का उपयोग नहीं करना चाहिए .

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये भी बताया कि करीब 6 महीने बाद कोरोना के रोजाना नए मामले 17,000 से कम हैं. 6 महीने के बाद दैनिक मौतें का आंकड़ा भी 300 से कम हैं. यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. इसके अलावा 60 या उससे अधिक आयु वर्ग में 55 फीसदी मौतें हुई हैं. कोरोना संक्रमण से होने वाली कुल मौतों में 70 फीसदी पुरुष हैं.