देश में जानलेवा कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर बरकरार है. हालांकि अब मामले तेजी से घटने लगे हैं. देश में पिछले 24 घंटों में एक लाख 96 हजार 427 नए मामले दर्ज हुए हैं, जो 13 अप्रैल 2021 के बाद से सबसे कम हैं. लेकिन ये खबर ज्यादा राहत देने वाली नहीं है, क्योंकि देश में अब भी रोजाना साढ़े तीन हजार से ज्यादा मौतें हो रही हैं. देश में अबतक कोरोना से 3 लाख 7 हजार 231 लोगों की जान चली गई है. पढ़िए ये आंकड़े.

मार्च के बाद से एक लाख 40 हजार लोगों की मौत

देश में दूसरी लहर के कहर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दूसरी लहर में डेढ़ लाख मौत हुईं हैं. फरवरी 2021 के दूसरे हफ्ते से देश में कोरोना के मामले बढ़ने लगे थे. तब देश में कोरोना के हर रोज औरसतन दस हजार मामले सामने आ रहे थे. लेकिन फिर केस इतनी तेजी से बढ़े की मार्च 2021 के बाद से देश में एक लाख 40 हजार लोगों की मौत हो गई और नए मामलों की संख्या चार लाख को पार कर गई.

मौतों के मामले में भारत तीसरे नंबर

दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों के मामले में भारत तीसरे नंबर है. इस लिस्ट में पहले नंबर पर दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका है. वहीं, दूसरे नंबर पर ब्राजील है. भारत के कुल कोरोना मामले दुनिया के कुल कोरोना मामलों के 16 फीसदी हैं. वहीं, दुनिया से तुलना करें तो कुल मौतों में 9 फीसदी हिस्सा भारत का है.

कहां कितनी मौतें-

अमेरिका- 5 लाख 84 हजार 153

ब्राजील- 4 लाख 48 हजार 208

भारत- 3 लाख 7 हजार 231

मैक्सिको- दो लाख 21 हजार 597

यूके- एक लाख 27 हजार 716

देश के इन तीन राज्यों में हो रहीं सबसे ज्यादा मौत

बता दें कि मई में भारत में सबसे ज्यादा मौते हुईं. सिर्फ मई में कोरोना से 92 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई. जबकि अप्रैल में करीब 46 हजार मौतें हुईं थीं. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है- रविवार के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे ज्यादा 1320 मौतें हुईं, लेकिन इनमें से 726 मौत दो हफ्ते पुरानी थीं. महाराष्ट्र के बाद अब सबसे ज्यादा मौतें कर्नाटक और तमिलनाडु में हो रही हैं.

18 दिनों से कोरोना के मामलों में तेजी से आई कमी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में पिछले 18 दिनों से कोरोना के मामलों में तेजी से कमी आ रही है. 18 दिनों में 3 लाख से कम केस आ रहे है. रिकवरी रेट में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. एक्टिव केस में भी गिरवाट आई है. मंत्रालय ने बताया कि पिछले 15 हफ्तों में नमूनों की जांच में 2.6 गुना की वृद्धि की गई है, जबकि पिछले दो हफ्ते से साप्ताहिक संक्रमण दर में तेजी से गिरावट आ रही है.