केएल राहुल के शतक और कप्तान विराट कोहली और ऋषभ पंत के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 336 रन बनाए. इंग्लैंड ने 337 रनों के लक्ष्य को 43.3 ओवरों में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया. जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली.

इंग्लैंड ने वनडे सीरीज के दूसरे मैच में टीम इंडिया को 6 विकेट से हरा दिया. पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. केएल राहुल के शतक और कप्तान विराट कोहली और ऋषभ पंत के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 336 रन बनाए. इंग्लैंड ने 337 रनों के लक्ष्य को 43.3 ओवरों में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया. जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. भारत की हार के कारणों को देखें तो टीम के चयन से लेकर अंपायर के फैसले तक जिम्मेदार हैं.

1- क्या बतौर बल्लेबाज खेल रहे हैं हार्दिक पंड्या: हार्दिक पंड्या ने सीरीज के दोनों मैचों में बॉलिंग नहीं की है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह बतौर बल्लेबाज टीम में खेल रहे हैं. टी20 सीरीज में उन्हें पांचवें गेंदबाज के तौर पर उतारा गया. लेकिन वनडे सीरीज में अब तक उन्हें नहीं आजमाया गया है.

स्टार स्पोर्ट्स पर कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने कहा कि हार्दिक पंड्या से गेंदबाजी नहीं कराया जाना समझ से परे है. वहीं, पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कहा कि हार्दिक पंड्या का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. हमारे गेंदबाज विकेट नहीं ले पा रहे हैं. पहले वनडे में टीम इंडिया को भले ही जीत मिली, लेकिन स्पिन गेंदबाज 19 ओवरों में सिर्फ एक विकेट ले सके थे. इसके बाद भी हार्दिक को नहीं आजमाया गया था. दूसरे वनडे में भी स्पिन गेंदबाज अब तक काफी महंगे रहे.

2- पांचवें गेंदबाज की कमी: टीम इंडिया ने सीरीज के दोनों मैचों में 5 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया. तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और बाएं हाथ के स्पिनर क्रुणाल पंड्या का यह दूसरा ही मैच था. प्रसिद्ध कृष्णा तो असरदार रहे, लेकिन क्रुणाल पंड्या प्रभाव नहीं छोड़ सके. क्रुणाल पंड्या को बतौर पांचवें गेंदबाज टीम में शामिल करने पर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आप क्रुणाल से 10 ओवर करने की उम्मीद नहीं कर सकते. वह 4 या 6 ओवर कर सकते हैं. क्रुणाल ने 6 ओवर फेंके और 76 रन दिए.  ऐसे में भारतीय टीम को पांचवें गेंदबाज की कमी खली.

3- कुलदीप यादव का खराब फॉर्म: कुलदीप यादव इस मैच में महंगे साबित हुए. उन्होंने 10 ओवरों में 84 रन दिए. उनके खाते में एक भी विकेट नहीं आया. कुलदीप पहले वनडे मैच में भी महंगे साबित हुए थे. भारत की गेंदबाजी दूसरे वनडे में कमजोर दिखी. प्रसिद्ध कृष्णा और भुवनेश्वर कुमार के अलावा कोई भी गेंदबाज विकेट नहीं ले सका.

4- स्टोक्स के रन आउट पर थर्ड अंपायर का फैसला: भारत की हार के लिए अंपायर का फैसला भी जिम्मेदार है. दरअसल इंग्लैंड की पारी के 26वें ओवर के दौरान जॉनी बेयरस्टो एक शॉट खेलकर रन लेने के लिए दौड़ पड़े. तभी मिड-विकेट पर खड़े कुलदीप यादव ने स्ट्राइकर एंड पर थ्रो फेंका. कुलदीप का ये थ्रो सीधा विकेट्स में लगा.

मैदानी अंपायर ने निर्णय थर्ड अंपायर के ऊपर छोड़ दिया. रिव्यू में देखा गया कि स्टोक्स का बल्ला लाइन के अंदर नहीं था. लेकिन थर्ड अंपायर अनिल चौधरी ने स्टोक्स को नॉट आउट दे दिया. थर्ड अंपायर के इस निर्णय के बाद सब जगह उनकी आलोचना होनी लगी. स्टोक्स ने मैच में 99 रनों की तूफानी पारी खेली और इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे.

5- इंग्लैंड को शुरुआती झटका देने में नाकाम: जॉनी बेयरस्टो और जेसन रॉय ने लगातार दूसरे मैच में 100 से अधिक रनों की साझेदारी की. भारतीय गेंदबाज इन दोनों को जल्द आउट नहीं कर पा रहे हैं. पहले मैच में बेयरस्टो ने 94, जबकि दूसरे मैच में 124 रनों की पारी खेली. पहले मैच में दोनों ने 135 रनों की साझेदारी की थी, तो दूसरे मैच में 110 रनों की पार्टनरशिप की.